Heavy Rain In Rajasthan: मध्यप्रदेश में भारी बरसात के बाद चंबल नदी में लगातार पानी की जोरदार आवक के चलते बांधों से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। कोटा बैराज से 12 गेट खोल कर करीब 2.35 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
कोटा. Heavy Rain In Rajasthan: मध्यप्रदेश में भारी बरसात के बाद चंबल नदी में लगातार पानी की जोरदार आवक के चलते बांधों से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। कोटा बैराज से 12 गेट खोल कर करीब 2.35 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पानी की आवक लगातार बढ़ने से बैराज से जलनिकासी की मात्रा बढ़ाकर 3 लाख क्यूसेक किए जाने की संभावना है। उधर, प्रशासन ने निचली बस्तियों में अलर्ट करवा दिया है। बैराज से जलनिकासी के बाद सोमवार रात दस बजे पत्रिका टीम हालात का जायजा लेने पहुंची तो पाया कि चंबल रिवर फ्रंट के पूर्वी घाट पर सुरक्षा दीवार बनाए जाने से पाटनपोल से नयापुरा पुलिया नदी किनारे बसी बस्तियों में चंबल का पानी नहीं घुस पाया।
राहत व बचाव दल तैयार
जिला व पुलिस प्रशासन की ओर से बैराज से भारी जलराशि छोड़े जाने को लेकर राहत व बचाव की तैयारियां पूरी कर ली गई है। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ टीमें अलर्ट मोड पर हैं। इसके अलावा नगर निगम उत्तर व दक्षिण की अग्निशनम व गोताखोर टीमें भी तैयार है। निचली बस्तियों में लोगों को सतर्क रहने व आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की मुनादी करवा दी गई हैं। फिलहाल निचली बस्तियों में पानी नहीं घुसा है। अधिक जलराशि छोड़ने से पहले चपेट में आने वाली बस्तियां खाली करवा ली जाएगी और लोगों को पहले से तैयार किए गए आश्रय स्थलों में ले जाया जाएगा।
27 घाट हुए जलमग्न
जलनिकासी से चंबल रिवर फ्रंट के घाट लगभग जलमग्न हो गए। शाम से ही सतर्कता के तौर पर रिवर फ्रंट पर लोगों का प्रवेश बंद कर दिया गया। रिवर फ्रंट के लोकार्पण को अभी एक सप्ताह पूरा हुआ है। चंबल में जोरदार जलराशि की आवक हो रही है। ऐसे में निचली बस्तियों को बाढ़ से बचाने के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवारों व रिवर फ्रंट के घाटों पर किए गए निर्माण कार्य, सीढ़ियों, रेलिंग आदि की भी परीक्षा होगी। रिवर फ्रंट से बोट को पहले ही बाहर निकाल लिया था।
बाढ़ में नुकसान नहीं
रिवर फ्रंट को लेकर चीफ आर्किटेक्ट अनूप भरतरिया ने हाल ही में दावा किया था कि वर्ष 2019 में कोटा में आई बाढ़ जैसे हालात अब कोटा में नहीं होंगे। रिवर फ्रंट को उस समय के जलस्तर से भी दो मीटर अधिक ऊंचाई पर बनाया गया है। ऐसे में यहां के मोन्यमेंट्स तक पानी नहीं पहुंचेगा। जल प्लावन की स्थिति में भी अधिकतम घाटों की ऊपरी हिस्से तक ही पानी आएगा। घाटों को भी गुणवत्तापूर्ण तरीके से बनाया गया है। ऐसे में यहां कोई नुकसान नहीं होगा।
नजारा देखने पहुंचे लोग
सावन में बारिश की कमी को भादो ने पूरा कर दिया है। चंबल में पानी की आवक और बांधों के गेट खुलने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में लोग नदी के आसपास के क्षेत्रों में यह नजारा देखने पहुंचे। इस दौरान लोग सकतपुरा, बैराज के समानान्तर पुल के किनारों व पुल पर लगाई गई शीटों के बीच दरारों से बैराज से पानी छोड़े जाने व चंबल रिवर फ्रंट का निहारते नजर आए।
नजारा देखने पहुंचे लोग, पुलिस तैनात
सावन में बारिश की कमी को भादो ने पूरा कर दिया है। चंबल में पानी की आवक और बांधों के गेट खुलने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में लोग नदी के आसपास के क्षेत्रों में यह नजारा देखने पहुंचे। लोग सकतपुरा, बैराज के समानान्तर पुल के किनारों व पुल पर लगाई गई शीटों के बीच दरारों से बैराज से पानी छोड़े जाने व चंबल रिवर फ्रंट का निहारते नजर आए।