
कोटा में कराई के बालाजी धाम के महंत धर्मेन्द्र गिरी का पक्षी प्रेम, कबूतर तो उनके हाथों में बैठकर दाना चुगते है।

कोटा में कराई के बालाजी धाम के महंत धर्मेन्द्र गिरी का पक्षी प्रेम, कबूतर तो उनके हाथों में बैठकर दाना चुगते है।

कोटा में कराई के बालाजी धाम के महंत धर्मेन्द्र गिरी का पक्षी प्रेम, कबूतर तो उनके हाथों में बैठकर दाना चुगते है।

कोटा में कराई के बालाजी धाम के महंत धर्मेन्द्र गिरी के हाथों से बतखों को दाना खिलाते हुए।

कोटा में कराई के बालाजी धाम के महंत धर्मेन्द्र गिरी के हाथों से बतखों को दाना खिलाते हुए।

कोटा में कराई के बालाजी धाम के महंत धर्मेन्द्र गिरी के हाथों से बतखों को दाना खिलाते हुए।

कोटा में कराई के बालाजी धाम परिसर में विचरण करती बतखें।

कोटा में कराई के बालाजी धाम परिसर में विचरण करती बतखें।

कोटा में कराई के बालाजी धाम परिसर में विचरण करती बतखें।

कोटा में कराई के बालाजी धाम में बंदर को दुलारते महंत धर्मेन्द्र गिरी ।