बरसों से राजस्थान की नं. 1 पुलिस हथकड़ी लेकर घूम रहीं फिर भी शिंकजे से दूर 4 हजार से ज्यादा शातिर अपराधी

कोटा . राज्य में पहले व दूसरे नम्बर पर रूतबा रखने वाली कोटा सिटी पुलिस के लिए चार हजार से अधिक अपराधी चुनौती बने हुए हैं।

कोटा .

पुलिस मुख्यालय की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट में राज्य में पहले व दूसरे नम्बर पर रूतबा रखने वाली कोटा सिटी पुलिस के लिए चार हजार से अधिक अपराधी चुनौती बने हुए हैं। इनके वारंट जारी हैं, कई अदालत से भगोड़े घोषित हो गए लेकिन कई साल में पुलिस इन तक पहुंच ही नहीं पा रही। ऐसे 4235 अपराधी हैं़ जिनकी कोटा पुलिस को तलाश है।

कई अपराधी ऐसे हैं जो पुलिस के हाथ तो आए लेकिन अदालत में सुनवाई के दौरान पेशी पर नहीं आए। ऐसे अपराधियो़ं के खिलाफ अदालत ने स्टैंडिंग वारंट जारी किए। किसी को भगोड़ा तो किसी को फरार घोषित किया। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, धोखाधड़ी और मारपीट समेत कई गम्भीर अपराधों में लिप्त आरोपितों शामिल हैं।

 

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3880 स्टेंडिंग वारंटी
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 3880 अपराधी ऐसे हैं जिनके स्टेंडिंग वारंट जारी हैं। इन्हें पुलिस तलाश रही है। जबकि अदालत ने 129 फरार व 226 को भगोड़ा घोषित किया हुआ है।

हर साल चलता है अभियान
पुलिस वारंटी, फरार, भगोड़े व आदतन अपराधियों की धरपकड़ के लिए हर साल एक माह तक अभियान भी चलाती है लेकिन इन अपराधियों तक अभियान में भी पुलिस के हाथ नहीं पहुंचे।

 

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गत वर्ष पकड़े 978
रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2017 व इस साल जनवरी तक कोटा शहर पुलिस ने 978 अपराधियों को तलाश कर गिरफ्तार किया। इनमें 911 स्टेंडिंग
वारंटी, 9 फरार व 58 भगोड़े शामिल हैं।

35 साल में नहीं पकड़ पाए कई वारंटी
हालत यह कि कई वारंटी तो ऐसे हैं जो 35 साल से अधिक समय से फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक ने इनाम भी घोषित किया हुआ है। इसके बावजूद पुलिस इन तक नहीं पहुंच पा रही।

 

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केस : एक
दादाबाड़ी थाना क्षेत्र में जानलेवा हमले के मामले में आरोपित बाबू उर्फ रामचंद्र तो 39 साल से फरार हैं। वर्ष 1979 से भगौड़े इस आरोपित तक पुलिस अब तक नहीं पहुंच पाई। पुलिस ने उस पर 2 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा है।
केस : दो
गुमानपुरा थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के तीन आरोपितों बंशीनाथ, पन्नानाथ व मदननाथ को पुलिस 1981 से अब नहीं दबोच पाई। अदालत से स्टेंडिंग वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी पर 3 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा है।
केस : तीन
गुमानपुरा थाना क्षेत्र में ही हत्या के आरोपित चेन्नई निवासी आनंद कुमार 1982 से ही फरार है। इस पर भी पुलिस ने 3 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया हुआ है।
केस : चार
दादाबाड़ी और महावीर नगर थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी कर दर्जनों लोगों से करोड़ों की ठगी करने का इनामी आरोपित देवेन्द्र जैन 2012 से फरार है। कोर्ट ने इसे भगौड़ा घोषित कर दिया। धोखाधड़ी के ही मामले में गुमानपुरा थाना क्षेत्र से विज्ञान नगर निवासी मनीष जैन 2002 से फरार है। इस पर 2 हजार का इनाम घोषित है।

 

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तलाश लगातार जारी
कोटा शहर एसपी अंशुमान भौमिया का कहना है कि स्टेंडिंग वारंटी, फरार व भगोड़े अपराधियों की धरपकड़ के लिए सभी थानों की पुलिस लगातार कार्यवाही कर रही। जो अपराधी शेष हैं उनमें से अधिकतर मजदूरी पेशा व टापरी बनाकर रहने वाले हैं। इनका स्थाई पता नहीं होने से तलाशने में दिक्कत होती है।

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abhishek jain
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