
बर्खास्त सीआई जोधाराम और सब इंस्पेक्टर सूर्यवीर ने खाकी की आड़ में खड़ा किया भ्रष्टाचार का साम्राज्य, पढि़ए, चौंकाने वाले खुलासे
विनीत सिंह@ कोटा. बर्खास्त पुलिस निरीक्षक जोधाराम गुर्जर ( Police Inspector Jodharam Gurjar Sacked ) और उप निरीक्षक सूर्यवीर सिंह ( Sub Inspector Suryavir Singh Sacked ) ने वर्दी की आड़ में भ्रष्टाचार का साम्राज्य खड़ा कर लिया था। ( Police Department ) जोधाराम के खिलाफ घूसखोरी, अवैध वसूली, सट्टेबाजी और शराब एवं अफीम की तस्करी कराने तक के आरोप हैं। (Bribery, illegal recovery, Speculative, smuggling, Wine, Poppy ) जबकि सूर्यवीर सिंह परिजनों के साथ करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जा कर लोगों के साथ धोखाधड़ी के कई मामलों में लिप्त था। शिवराज सिंह और रणवीर चौधरी गैंग (Bhanu Pratap and Shivraj Singh Gang ) के साथ अवैध कारोबार में लिप्त कोटा के दागी पुलिस अधिकारियों के बारे में महकमा भी बखूबी जानता था। आला अधिकारी इनकी हरकतों से आजिज आ चुके थे, लेकिन जब भी कार्रवाई की कोशिश करते सियासी और विभागीय दवाबों के चलते उन्हें कदम खींचने पड़ते। राजस्थान पत्रिका ( Rajasthan Patrika ) ने जब कुख्यात अपराधियों के साथ इनकी मिलीभगत ( Police collusion with criminals ) का खुलासा किया तो आला अफसर इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए बाध्य हुए।
सरगना से सीधे बात करता था पुलिस इंस्पेक्टर
सीआई जोधाराम और गैंगस्टर रणवीर चौधरी के संबंधों के बारे में राजस्थान पत्रिका के खुलासे के बाद डीआईजी रवि दत्त गौड़ ने एएसपी गोपाल सिंह कानावत को जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान कानावत ने जब जोधाराम गुर्जर की कॉल डिटेल निकलवाई तो चौंक गए। गैंगवार में मारे गए गैंगस्टर रणवीर चौधरी से जोधाराम सीधे बात करता था। दोनों के बीच अक्सर बातें होती थी। जोधाराम का रणवीर के साथ साथ भानू गैंग के कई अन्य गुर्गों से भी सीधा संपर्क था।
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अवैध वसूली की दर्जनों शिकायतें
जांच में खुलासा हुआ कि बारां, झालावाड़ और कोटा ग्रामीण में नियुक्ति के दौरान जोधाराम गुर्जर के खिलाफ भ्रष्ट आचरण की दर्जनों शिकायतें हुईं, लेकिन सियासी प्रभाव का इस्तेमाल कर वह अक्सर क्लीन चिट हासिल कर लेता। शराब ठेकेदारों से लेकर हाइवे के किनारे स्थित ढावे वालों तक से वह खुलेआम वसूली करता था। सट्टेबाजों से महीना बांधकर खाईवाली कराने और अफीम एवं अवैध शराब की तस्करी कराने में भी वह शामिल था।
सूर्यवीर सिंह: रुतबा गांठ दबा देता था मामले
बर्खास्त उप निरीक्षक सूर्यवीर सिंह के खिलाफ परिवार समेत जमीनों पर अवैध कब्जे करने और जमीनों की खरीद फरोख्त में लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के करीब दर्जन भर मामले दर्ज हैं। विभागीय जांच में खुलासा हुआ कि सूर्यवीर पुलिस की नौकरी करते हुए भी पिता विजय सिंह के साथ ताथेड़ में जमीनों का धंधा करता था। जांच में जमीनों पर कब्जे करने, विवाद होने पर परिवार को बचाने और मुकदमे खत्म कराने के लिए पद और विभाग का गलत इस्तेमाल करने के मामले भी सामने आए हैं।
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कब्जे के फार्म हाउस पर दी पार्टी
जांच में सामने आया कि शिवराज सिंह गैंग के गुर्गे चैन सिंह उर्फ चिंटू और मुकेश तंवर ने पुलिस कर्मियों को नया नोहरा के जिस फार्म हाउस पर पार्टी दी थी। उसे सूर्यवीर सिंह दो साल पहले तलवंडी के एक कारोबारी को बेच चुका था, लेकिन रजिस्ट्री कराने के बाद उसकी नीयत खराब हो गई और उसने फार्म हाउस खाली करने से मना कर दिया। कारोबारी इस फार्म हाउस को खाली करवाने के लिए दो साल से पुलिस के आला अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन सूर्यवीर सिंह का अवैध कब्जा हटवाना तो दूर बोरखेड़ा पुलिस ने कारोबारी की रिपोर्ट दर्ज करने तक से इनकार कर दिया।
Updated on:
30 Jan 2020 11:21 pm
Published on:
30 Jan 2020 02:29 am
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