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पुलिस अधीक्षक ने दिया जवाब अदालत परिसर में है पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम

कोटा अदालत परिसर में सुरक्षा इंतजाम को लेकर जनहित याचिका पर जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक ने स्थायी लोक अदालत में जवाब पेश किया।

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kota court complex

कोटा .

जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक ने स्थायी लोक अदालत में मंगलवार को पेश जवाब में कहा कि अदालत परिसर में सुरक्षा के लिए कलक्टेट पुलिस चौकी स्थापित है। साथ ही जजी की पुलिस गार्ड भी लगी हुई है। जबकि अदालत परिसर के अंदर व मुख्य द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए नोडल अधिकारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) को पत्र लिखा जा चुका है। उन्होंने यह जवाब अदालत परिसर में सुरक्षा इंतजाम करने व सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में करीब एक साल पहले एडवोकेट अशोक चौधरी की ओर से पेश जनहित याचिका पर दिया।

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चौधरी ने 30 जनवरी 2017 को जिला कलक्टर, एसपी (शहर), नगर विकास न्यास के सचिव और पीडब्यूडी के अधिशाषी अभियंता के खिलाफ याचिका पेश की थी। इसमें कहा था कि अदालत परिसर में आए दिन असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहने से लड़ाई -झगड़े होते रहते हैं। कुछ समय पहले भी यहां कई वारदात हो चुकी। इससे वकील, पक्षकार और आमजन के लिए खतरा बना हुआ है। अदालत परिसर के सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। परिसर में शीघ्र ही पर्याप्त मात्रा में सीसीटीवी कैमरे लगा ने चाहिए। याचिका में सभी को निर्देशित कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया। अदालत ने याचिका स्वीकार कर सभी को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा था।

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इसी आदेश की पालना में कलक्टर-एसपी की ओर से प्रभारी अधिकारी उप अधीक्षक शिव भगवान गोदारा ने अदालत में जवाब पेश किया। इसमें कहा कि अदालत परिसर में पुलिस बल गश्त पर रहता है। कोटा जिले से लगभग सौ से अधिक पुलिस कर्मी विभिन्न न्यायिक कार्य के लिए रोजाना अदालत में हाजिर होते हैं। अदालत में आतंकवादी घटनाओं की संभावना नहीं, लेकिन फिर भी इस तरह की घटनाओं की आशंकाओं के संदर्भ में कोई इनपुट प्राप्त होता है तो सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की जाती है। एडवोकेट अशोक चौधरी ने बताया कि अब इस मामले में 1 फरवरी को सुनवाई होगी।