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Video: लगातार खड़े रहने पर जकड़ रही बीमारी, सबसे ज्यादा पुलिसकर्मी पीडि़त

लम्बे समय तक लगातार खड़े रहने पर आपको बीमारी जकड़ सकती है। इसलिए सावधान रहिए और हर दो-तीन घण्टे में विश्राम करिए, ताकि बीमारी से बचा जा सके। लगातार खड़े रहने से वैरीकोज वेंस व डीवीटी बीमारी जकड़ लेती है।

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हाबूलाल शर्मा
बदलती जीवनशैली लोगों को कई तरह की बीमारियां दे रही है। लम्बे समय तक लगातार खड़े रहने पर आपको बीमारी जकड़ सकती है। इसलिए सावधान रहिए और हर दो-तीन घण्टे में विश्राम करिए, ताकि बीमारी से बचा जा सके। लगातार खड़े रहने से वैरीकोज वेंस व डीवीटी बीमारी जकड़ लेती है। कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रोजाना 10 से 15 मरीज सामने आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन मरीजों में सबसेे ज्यादा पुलिसकर्मियों हैं।

मेडिकल कॉलेज सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष वरिष्ठ आचार्य डॉ. राजेश वासवानी ने बताया कि इस बीमारी से सबसे ज्यादा पीडि़त पुलिसकर्मी, बस परिचालक, दर्जी जो कई घंटों लगातार खड़े रहते हैं। साथ ही, महिलाओं में गर्भावस्था के समय छठे-सातवें माह में वैरीकोज वेंस बीमारी हो जाती है। इसमें पैरों की नसें फूलने लगती हैं।

खून के थक्के जमने लगते हैं
डॉ. वासवानी ने बताया कि समय पर ध्यान नहीं देने पर नसें फूलने, रक्तस्राव व खून के थक्के जमने लग जाते हैं। कई बार नसें एक जगह एकत्र हो जाती हैं। गांठ बन जाती है। खून का थक्का फेफड़ों में जा सकता है, जो जानलेवा हो सकता है। मरीज को अल्सर व छाले हो जाते हैं। बीमारी ज्यादा बढऩे पर ऑपरेशन (ओपन सर्जरी) या आरएफए तकनीक से सर्जरी की जाती है, जिसमें चीरा भी नहीं लगाना पड़ता और मरीज दो-तीन दिन में ठीक हो जाता है।

क्या है वैरीकोज वेंस बीमारी
वैरीकोज वेंस को वेरिकोसाइटिस भी कहा जाता है। ये समस्या तब उत्पन्न होती है, जब नसें बड़ी, चौड़ी या रक्त से ज्यादा भर जाती हैं। वैरीकोज वेंस बीमारी अक्सर सूजी और उभरी हुई नसों के रूप में सामने आती है और ये नीले या लाल रंग की दिखती है। ये समस्या खासतौर पर लगातार ज्यादा देर खड़े रहने वालों व गभर्वती महिलाओं को होती है।

रोग के लक्षण
– पैरों की नसें फूलने लग जाती हैं।
– नसे नीली पडऩे लग जाती हैं।
– पिंडलियों में एठन व दर्द रहता है।
– पैर काला पडऩे लगता है।
– नसें एक जगह एकत्र होने लगती है।

बचाव के उपाय
– ज्यादा देर खड़े नहीं रहें।
– ज्यादा देर खड़ा रहना पड़े तो बीच-बीच में बैठें या पैदल चलें।
– लक्षण सामने आने पर लापरवाही किए बगैर डॉक्टर से सम्पर्क करें।

वैरीकोज वेंस से पीडि़त हूं
पिछले ढाई माह से वैरीकोज वेंस बीमारी से पीडि़त हूं। पिंडलियों में दर्द रहता है। दर्द के कारण रात में नींद तक नहीं आती। दिनभर ड्यूटी के दौरान पैरों में लम्बे मौजे (स्ट्रिंग्स) घुटनों से ऊपर तक पहनने से थोड़ा आराम मिलता है। वीआईपी मूवमेंट या अन्य किसी कारणवश कई बार पूरे दिन खड़ा रहना पड़ता है। चिकित्सक को दिखाने पर कहा कि ज्यादा देर खड़े मत रहो, लेकिन ड्यूटी तो ड्यूटी है। कई पुलिसकर्मियों को ऑपरेशन करवाने पड़े हैं तो कई दवाइयां खा रहे हैं। – शंकरलाल, पुलिस उपाधीक्षक

केस: दो
15 साल से पीडि़त हूं
वैरीकोज वेंस बीमारी से पिछले 15 साल से पीडि़त हूं। पैरों की नसें फूल गई। दर्द इतना रहता है कि खड़ा नहीं रहा जाता। एडी के आसपास चमड़ी काली पडऩे लग गई। निजी चिकित्सक को दिखाया तो गर्म पानी से सेक करने की सलाह दी। गर्म पानी से सेक करने पर थोड़ा आराम मिलता है, लेकिन बीमारी अभी दूर नहीं हुई। ट्रेफिक में ड्यूटी है तो दिनभर खड़ा रहना पड़ता है। चिकित्सक बैठने की सलाह देते हैं, लेकिन हमारी ड्यूटी ही खड़े रहने की है। – दुर्गालाल मीणा, यातायात कांस्टेबल

केस: तीन
पिछले 3-4 साल से पैरों की नसें फूलने व दर्द की शिकायत रहती थी। डाक्टरों को दिखाया तो कभी दर्द तो कभी खुजली की दवाइयां दी गई। पैरों में काले धब्बे पडऩे लग गए। धीरे धीरे घुटने तक पैर ही काला पड़ गया। इतना ही नहीं नाखून भी काले पड़ गए। पैर में जगह-जगह खून के थक्के जमने से गांठें पडऩे लग गई। डॉक्टर को दिखाया तो जांच के बाद बताया कि वैरीकोज वेंस बीमारी हो गई। यह बीमारी पहले किसी डाक्टर के पकड़ में नहीं आई। डॉक्टर ने बताया कि बीमारी काफी बढ़ गई है, ऑपरेशन करवाना पड़ेगा। अभी 14 फरवरी को ही ऑपरेशन करवाया है। – महेन्द्र मीणा, पुलिस निरीक्षक, नगर निगम कोटा