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पहला दिन: ऑनलाइन सिस्टम में उलझे किसान

कोटा

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Newsdesk

Aug 28, 2026

Rajasthan

- एफएफएफएस ऐप डाउनलोड कर खाद बुकिंग में माथापच्ची
बारां. किसानों को खेत और फसल के लिए अनुदानित उर्वरक उपलब्ध कराने को लेकर फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर (एफएफएफएस) व्यवस्था लागू की गई है। बारां जिले में इस डिजिटल प्रणाली का गुरुवार से आगाज हो गया लेकिन पहले ही दिन किसानों की माथापच्ची शुरू हो गई। घंटों तक किसान ऐप के चक्कर में उलझे रहे। ऐप को डाउनलोड कर इसे शुरू करने में किसान परेशान होते रहे तो कई किसान फार्मर आईडी नहीं होने से परेशान दिखे। जिला मुख्यालय के अटरू रोड मार्केटिंग सोसायटी में सुबह से दोपहर तक किसानों की भीड़ लगी रही। -गांवों से आए, यहीं अटक गए
खाद लेने के लिए कई गांवों से किसान मार्केटिंग सोसायटी पहंुचे थे। ऑनलाइन बुकिंग से खाद मिलने की जानकारी मिली। इसके बाद एफएफएफएस ऐप डाउनलोड करने को लेकर किसान परेशान रहे। कई बुजुर्ग किसान जो मोबाइल लाए थे, वे वहां मौजूद युवा किसानों से मोबाइल में ऐप डाउनलोड करवाने में लगे रहे। किसी की फार्मर आईडी नहीं बनी थी, किसी के ऐप डाउनलोड नहीं हो पा रहा था। किसी के ऐप डाउनलोड हुआ तो क्यूआर कोड जनरेट नहीं हुआ। थामली से आए किसान मोहनलाल ने बताया कि खाद के चक्कर में आए थे, नहीं मिली तो जा रहे हैं। एक महिला किसान गीता बाई ने बताया कि सुबह से आए हैं, पता नहीं क्या हो रहा है, समझ में नहीं आ रहा।
-इस प्रक्रिया में उलझते रहे किसान
इस डिजिटल प्रणाली के तहत किसान को एफएफएफएस ऐप डाउनलोड करना होगा। इसे आधार नंबर या फार्मर आईडी से लॉग इन करना होगा। खसरा नंबर दर्ज करने पर फसल के अनुसार उपलब्ध उर्वरक की मात्रा ऐप पर दिखेगी। किसान अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक पर क्लिक कर बुकिंग कर सकेगा। इसके बाद मोबाइल पर दो दिन (48 घंटे) के लिए वैध क्यूआर कोड जनरेट होगा। किसान अपने नजदीकी वितरक से क्यूआर कोड स्कैन कराकर उर्वरक प्राप्त कर सकेगा।
-आईडी नहीं तो आधार भी चलेगा
जिले में अभी हजारों किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है। ऐसे किसान ऐप में आधार नंबर व खसरा नंबर डालकर क्यूआर कोड को जनरेट कर सकते हैं लेकिन अभी कई किसानाें को इस बारे में पता नहीं है और वे फार्मर आईडी नहीं बनने से परेशान हो रहे हैं।
-अभी योजना शुरू हुई है तो समझने में कुछ दिन तो लगेंगे। अब ऑनलाइन बुकिंग से ही अनुदानित खाद मिलेगी।
राजेश विजय, संयुक्त निदेशक, कृषि विस्तार, बारां