
मौसमी निकाल रही 'जूस' फलों में बढ़ी 'खटास'
सावन माह होने से व्रत-उपवास करने वालों की मांग ज्यादा होने व मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने से इन दिनों सभी फल आम आदमी के लिए 'खट्टे्' हो गए हैं। चिकित्सकों की सलाह पर फल खाने वाले मरीज भी भाव आसमान छूने के कारण फल का सेवन नहीं कर पा रहे हैं। नाशपति के भाव तो पिछले दस सालों में पहली बार दोगुने हो गए हैं।
फल व्यापारी दिनेश आडवानी ने बताया कि नाशपति के भाव पिछले दस साल से थोक में 20 से 25 रुपए किलो चल रहे थे। इस साल पैदावार भी अच्छी हुई है, लेकिन थोक में भाव दोगुने यानी 35 से 45 रुपए किलो व रिटेल में 60 से 70 रुपए किलो हो गए हैं। सेब, अनार, आलू बुखारा, बब्बू गोशा की पैकिंग में माल खराब निकलने से रिटेल में भाव दोगुने से भी ज्यादा हो गए हैं। उन्होंने बताया कि मांग के अनुरूप माल नहीं आने से भी भाव बढ़ गए हैं।
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फल के भाव (प्रति किलो)
फल थोक भाव रिटेल भाव
सेव 40 से 70 100 से 150
अनार 45 से 75 100 से 150
बब्बू गोशा 40 से 65 100 से 150
आलू बुखारा 70 से 80 120 से 150
आम 80 से 100 120 से 150
पपीता 35 से 40 60 से 80
अनानास 40 से 42 60 से 70
नाशपति 35 से 45 60 से 70
मौसमी 24 से 28 50 से 60
शिमला मिर्च, टिण्डे व धनिया 120 से 160 रुपए किलो
मंहगाई से आम जनता पहले ही परेशान है। अब सब्जियों के भावों ने गृहणियों का बजट बिगडऩे के साथ ही त्यौहारी सीजन का जायका भी बिगाड़ दिया। गृहणियां अब सोच समझकर सब्जियों की खरीदारी कर रही है। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार सब्जियों के दाम सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह तक ऐसे ही रहेंगे। कोटा थोक फ्रूट्स एण्ड वेजिटेबल मर्चेंट संघ महासचिव संतोष मेहता ने बताया कि जून से अगस्त माह के आखिर तक बारिश के दिनों में फूल झडऩे, पानी भरने से सब्जियां गलने की शिकायत ज्यादा रहती है। ऐसे में मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने से भावों में उछाल रहता है। भावों में अभी और तेजी की सम्भावना है। सब्जी विक्रेता अशोक अग्रवाल ने बताया कि जून माह में गिलकी, भिण्डी, टिण्डे 20 रुपए किलो मिल रहे थे। अब इनका भाव तीन गुना तक बढ़ गया। इसी तरह धनिया जून माह में 25 रुपए किलो थोक में मिल रहा था जो अब 80 से 120 रुपए किलो भाव पहुंच गए।
Published on:
05 Aug 2022 01:24 pm
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