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वानिकी विद्यार्थियों का आंदोलन 43वें दिन भी जारी दो विद्यार्थियों की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती

डेढ़ महीने से आंदोलनरत झालावाड़ के वानिकी विद्यार्थियोंं का आंदोलन तोडऩे के लिए सेमेस्टर खत्म करने पर तुला कृषि विवि|
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कोटा

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Shailendra Tiwari

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Updated: 14 Mar 2018, 4:33 PM IST

Protest of Forestry Students

कोटा .

डेढ़ महीने से आंदोलनरत झालावाड़ के वानिकी विद्यार्थियोंं का रजिस्ट्रेशन तो महाविद्यालय ने पहले ही रद्द कर दिया। अब अधिष्ठाता ने मंगलवार को छात्रों को नोटिस जारी कर दो दिन में आंदोलन समाप्त कर कक्षाएं ज्वाइन करने की चेतावनी दी है। कक्षाएं ज्वाइन नहीं की तो आईसीएआर के नियमानुसार वर्तमान सेमेस्टर स्क्रेच कर दिया जाएगा। इससे छात्रों में आक्रोष बढ़ गया है।

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वहीं सोमवार रात धरने पर बैठे एक छात्रा व छात्र की तबीयत बिगड़ गई। दोनों एमबीएस के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हैं। मांगों को लेकर विगत 42 दिन से 106 विद्यार्थी आंदोलनरत हैं। यह विद्यार्थी बोरखेड़ा कृषि विवि के बाहर धरने पर बैठे हैं। सोमवार रात हनुमानगढ़ की माया गोरेला व झालावाड़ के दिनेश लोधा की तबीयत बिगड़ी। इन्हें देर रात बोरखेड़ा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को वहां से एमबीएस रैफर कर दिया।

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सरकार क्यों नहीं दे रही ध्यान
आंदोलनरत छात्र प्रकाश बिश्नोई, प्रवीण मीणा, माया गौरेला, पिंकी आदि ने बताया कि देश के सभी राज्यों में वन विभाग की भर्तियों में वानिकी विद्यार्थियों को वरीयता से आरक्षण दे रखा है। सिर्फ राजस्थान में ही आरक्षण नहीं है। सरकार वानिकी विद्यार्थियों को आरक्षण नहीं दे सकती तो फिर क्यों वानिकी महाविद्यालय खोल रखे हैं।

झालावाड़ वानिकी कॉलेज में हर साल 125 से अधिक छात्र वानिकी प्रथम वर्ष में प्रवेश लेते है। उन्हें प्रवेश देकर क्यों भ्रमित किया जाता है। विधायक, सांसद, वन अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन दे चुके, लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा। मंगलवार को जिला कलक्टर को भी ज्ञापन सौंपा है।

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कृषि विवि, कोटा अधिष्ठाता डॉ. एलके दशोरा ने बताया आंदोलनरत छात्रों को हर तरीके से समझा चुके। मामला सरकार के स्तर का है। उनकी मांगों पर कार्रवाई चल रही है, लेकिन छात्र समझने को तैयार हीं नहीं। उन्हें अंतिम चेतावनी दी है। फिर भी नहीं माने तो आईसीएआर के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।