
खाली पड़ी जमीन पर सोलर प्लांट बनाएगा रेलवे, पेपर लेस ऑफिस पर भी जोर
कोटा. रेलवे की ओर से स्टेशन भवनों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के बाद अब रेल पटरियों के आस-पास और रेलवे की भूमि पर सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा, भोपाल और जबलपुर मंडल के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए पार्टनरशिप के तहत सौर ऊर्जा कार्यों पर निवेश के लिए 6.25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस तरह उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर जोन में भी 6.25 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इसके साथ ही रेलवे कार्यालयों के कामकाज में कागज का उपयोग कम करने पर जोर देगा। इसके लिए ई-ऑफिस प्रोजेक्ट पर जोर दिया जा रहा है।
इस योजना के तहत रेलटेल 30 जून 2020 तक एनआईसी के ई-ऑफिस प्लेटफार्म पर 39 हजार से ज्यादा उपयोगकर्ताओं का पंजीकरण करेगा। रेलवे ने 58 यूनिट में ई-ऑफिस का पहला पूरा करने के बाद दूसरे चरण के क्रियान्वयन के लिए रेलटेल के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। ई-ऑफिस राष्ट्रीय सूचना केन्द्र (एनआईसी) की ओर से विकसित किया गया क्लाउड आधारित साफ्टवेयर है। यह केन्द्रीय सचिवालय की ई-आफिस नियमावली पर आधारित है।
यह योजना है
रेल मंत्रालय ने अगले दशक में रेलवे की ऊर्जा लागत में 41 करोड़ रुपए की बचत करने के लिए मिशन '41 केÓ तैयार किया है। रेलवे ने वर्ष 2021-22 तक 500 मेगावॉट के रूपटॉप सौर संयंत्र मुहैया कराने की योजना बनाई है।
ई-ऑफिस योजना से कार्यालयों में कागज के बगैर काम करने की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। यह पर्यावरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।-उमेश कुमार बलोंदा, कार्यकारी निदेशक, रेलवे बोड
Published on:
20 Feb 2020 09:01 am
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
