
Kota News : कोटा. कोटा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (कोटा डेयरी) के पूर्व अध्यक्ष श्रीलाल गुंजल ने सरकारी धन का दुरुपयोग करते हुए अध्यक्ष रहते हुए अपनी निजी जमीन पर दस लाख की लागत से सहकारी चारा डिपो (बायोमास बंकर) बना लिया था। बंधा दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के नाम से यह चारा डिपो बनाया गया। बंधा गांव में जिस जमीन पर चारा डिपो बनाया गया है, वह पूर्व अध्यक्ष गुंजल की पत्नी के नाम है।
इस जमीन का फर्जी विक्रय पत्र बनाकर यह सारा खेल किया गया। इस गड़बड़झाले में डेयरी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक श्याम बाबू वर्मा और नोडल अधिकारी दिनेश कुमार गुप्ता भी भागीदार रहे। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (Rajasthan Co-operative Dairy Federation Limited) (आरसीडीएफ) के जांच अधिकारी ने इस मामले में हाल में जांच पूरी कर ली है। दोषी लोगों के खिलाफ सहकारी अधिनियम में प्रकरण दर्ज कर राशि वसूली के आदेश दिए हैं।
ऐसे किया था खेल
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (National Dairy Development Board) (एनडीडीबी) ने 29 अक्टूबर 2014 को कोटा डेयरी को पत्र भेजकर डेयरी की प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों में 50 मीट्रिक टन चारा संग्रहण क्षमता के चारा डिपो के प्रस्ताव भेजने को कहा। बंधा समिति के समेत पांच सहकारी समितियों से प्रस्ताव लिए। पहली शर्त थी कि सहकारी समिति के पास खुद के स्वामित्व की भूमि हो। डेयरी के तत्कालीन अध्यक्ष श्रीलाल गुंजल की पत्नी के नाम धर्मपुरा में जमीन थी। इस जमीन का कुछ हिस्सा 29 दिसम्बर 2015 को समिति के नाम विक्रय पत्र कर दर्शा दिया गया।
Published on:
29 May 2024 03:44 pm
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