6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कोटा
चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ ही पार्टी के सबसे बड़े गढ़ से भाजपा के लिए आई बुरी खबर..
Play video

चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ ही पार्टी के सबसे बड़े गढ़ से भाजपा के लिए आई बुरी खबर..

चुनावों से पहले ही पार्टी के सबसे बड़े गढ़ में ही उसे चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
Google source verification

कोटा. प्रदेश में सियासी रणभेरी बज चुकी है। 7 दिसंबर को मतदान और 11 को परिणाम आ जाएंगे। सत्ता विरोधी लहर से निपटने के लिए भाजपा का चुनाव प्रचार जोर-शोर से जारी है लेकिन चुनावों से पहले ही पार्टी के सबसे बड़े गढ़ में ही उसे चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

राजस्थान : विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजी, 7 दिसंबर को मतदान , 11 क़ो मतगणना

दरअसल हाड़ौती के किसानों ने आंदोलन के लिए ताल ठोक दी है। सोयाबीन, उड़द व मूंग सहित सभी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने के लिए 8 अक्टूबर से बड़ा आंदोलन करेंगे।

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक फतेहचंद बागला ने पत्रकारों को बताया कि अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के नेतृत्व में हाड़ौती के विभिन्न किसान संगठन – अखिल भारतीय किसान सभा, किसान सर्वोदय मंडल, हाड़ौती किसान आंदोलन, किसान महापंचायत, किसान फैडरेशन आदि 8 अक्टूबर को भामाशाह मंडी में समर्थन मूल्य से नीचे फसल खरीदने का विरोध करेंगे। यदि सरकार ने तुरंत सम्पूर्ण खरीद शुरू नहीं की तो पूरे संभाग में आंदोलन किया जाएगा।

Crime out of control : अपने ही साथी की चेन खुलवाकर महिला को डराया और लूट ले गए गहने .. जानिए पूरा मामला

दुलीचंद बोरदा ने सरकार पर बड़े तेल मिल मालिकों व दलहन व्यापारियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हाड़ौती की मंडियों में सोयाबीन, उड़द व मूंग की रोजाना 10 हजार क्विंटल की आवक हो रही है। केन्द्र सरकार ने 2018 के लिए खरीद नीति घोषित करते हुए तिलहन में भावान्तर योजना शुरू करने की घोषणा की थी, जो राज्य में भी थोथी साबित हुई। किसान नेता कुन्दन चीता व सुरेश गुर्जर ने बताया कि सभी संगठन संयुक्त रूप से मांग करते हैं कि तुरंत प्रभाव से 30 नवम्बर तक सम्पूर्ण खरीद शुरू करें।
गौरतलब है कि हाड़ौती शुरू से ही भाजपा का गढ़ रहा है । 2013 में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी ने यहां 16 सीटों पर जीत दर्ज की थी।