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प्रदेश के 500 चिकित्सक नई तकनीक पर करेंगे मंथन

स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग कोटा के तत्वावधान में राजस्थान स्टेट कॉन्फ्रेस का आयोजन 25 व 26 नवम्बर को मेडिकल कॉलेज में होगा

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कोटा.

कोटा के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों की सोसाइटी एवं स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग कोटा के तत्वावधान में राजस्थान स्टेट कॉन्फ्रेंस का आयोजन 25 व 26 नवम्बर को मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में किया जाएगा। इस कॉन्फ्रेंस में राज्य के करीब 500 स्त्री रोग विशेषज्ञों के शामिल होने की सम्भावना है। साथ ही देश के ख्यातनाम स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ इस कॉन्फ्रेस में पहले दिन दूरबीन शल्य चिकित्सा कर उपस्थित सभी डॉक्टर्स को नई तकनीक की जानकारी देंगे।

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ये जानकारी आईएमए हॉल में आयोजित पत्रकारवार्ता में बुधवार को स्त्री रोग विशेषज्ञ व कॉन्फ्रेंस के सलाहकार डॉ. आरपी रावत ने दी। उन्होंनें कहा कि कोटा में ये कॉन्फ्रेंस 20 साल बाद हो रही है। ऑर्गनाइजिंग चेयरमेन डॉ. देशदीपक ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. पीसी महापत्रा तथा विशिष्ठ अतिथि के रूप में डॉक्टर शैलेश पूंताम्बेकर व मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. गिरीश वर्मा होंगे।

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राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेस में लेप्रोस्कॉपी, हिस्टरोस्कॉपी दूरबीन द्वारा बच्चेदानी के अंदर ऑपरेशन तथा अत्यन्त नवीन तकनीक का सीधा प्रसारण कर इसके बारे में बताएंगे। दूसरे दिन देश के विभिन्न स्थानों से आए चिकित्सक तथा राज्य के हर हिस्सों से आए स्त्री रोग विशेषज्ञ अपने व्याख्यान देंगे साथ ही साथ महत्वपूर्ण विषयों पर आपसी चर्चाऐं भी करेंगे।

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सोसायटी की ओर्गनाइजिंग सकेट्री डॉ. प्रिया गुप्ता ने बताया कि बच्चे दानी का संरक्षण थीम पर कॉन्फ्रेस आयोजित की जाएगी। जिसमें बच्चे दानी निकालने को लेकर लोगों को जागरूक करने व नई तकनीकों के उपयोग को लेकर देशभर के वरिष्ठ डॉक्टरों पर लाईव ऑपरेशन के द्वारा बच्चे दानी, गांट व कैंसर से जुड़े रोगों का दूरबीन से उपचार के बारे में बताया जाएगा। डॉ. दिपीका खंडेलवाल ने बताया कि कॉन्फ्रेस का मुख्य उद्देश्य अनावश्यक बच्चेदानी निकालने के ऑपरेशन रोकना है तथा ऐसी सभी समस्याओं के लिए बच्चेदानी निकालने की जगह जो नवीन तकनीक उपलब्ध है, उनके बारे में बताना है।