रामपुरा राजकीय कन्या महाविद्यालय को शनिवार को आखिरकार अपना भवन मिल ही गया। कॉलेज के नए भवन का उद्घाटन शनिवार को राजकीय कला कन्या महाविद्यालयप्राचार्य सीम चौहान, रामपुरा कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य आरके चौहान, स्थानीय पार्षद नवल सिंह व अन्य शिक्षकों ने फीता काटकर किया। इस मौके पर सुंदरकांड व हवन यज्ञ कर किया। यह भवन सवा 4 करोड़ रुपए की लागत से बना है। इसी सत्र से प्रथम व द्वितीय वर्ष की क्लासेज शुरू हो गई। यहां 380 छात्राएं अध्यनरत है। आगामी जुलाई से तृतीय वर्ष की क्लासेज भी शुरू हो जाएगी।
भवन बनाया, लेकिन सुविधाएं विकसित नहीं की
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने सत्र 2022-23 में रामपुरा कन्या महाविद्यालय की घोषणा की थी। भवन निर्माण के लिए साढ़े 4 करोड़ की राशि जारी की गई थी। इसके अलावा राज्य सरकार ने प्राचार्य कक्ष की सुसज्जा व छात्राओं के फर्नीचर के लिए साढ़े 4 लाख की राशि जारी की थी, लेकिन नोडल कॉलेज राजकीय कला कन्या महाविद्यालय इसे दबाए बैठा रहा। रामपुरा कॉलेज के लिए फर्नीचर व अन्य सुविधाएं विकसित नहीं की। उधर, राजकीय महाविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विनय सिंह ने बताया कि छात्राओं के लिए फर्नीचर व अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित नहीं की गई तो छात्राओं के साथ उग्र आंदोलन करेंगे।
मिट टर्म की परीक्षा खड़े-खड़े दी
प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज में 8 कक्ष है। इनमें 97 कुर्सी-टेबल है। भूगोल विषय में 142 छात्राएं है। इनमें से फर्नीचर के अभाव में भूगोल विषय की करीब 40 छात्राओं ने मिट टर्म की परीक्षा खड़े-खड़े होकर दी।
शिक्षक भी नहीं लगाए गए
कॉलेज का भवन तो बन गया, लेकिन राज्य सरकार ने स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई। विद्या संबल योजना में गेस्ट फैकल्टी 8 शिक्षक लगे है। उनसे ही पढ़ाई हो रही है।
इनका यह कहना
27 बार वर्कऑर्डर शीट चलाई
रामपुरा कन्या महाविद्यालय के लिए राज्य सरकार ने फर्नीचर व अन्य सुविधाएं के लिए राशि जारी की थी, लेकिन नोडल कॉलेज राजकीय कला कन्या महाविद्यालय है। उसे 27 बार वर्क ऑर्डर शीट जारी की, लेकिन कोई कार्रवाई की गई। हर बार टेक्निकल कमेटी ने कुछ पेंच फंसा कर उसे रुकवा दिया। जबकि प्राचार्य को रुचि लेकर काम करवाना था। अब तक तो काम किया वह अपनी जेब से राशि खर्च किया। राज्य सरकार को वित्तीय अधिकार व डीडी पावर प्राचार्य को दिए जाए ताकि अपने हिसाब से कॉलेज में काम करवा सके।
आरके चौहान, प्राचार्य, रामपुरा कन्या महाविद्यालय
मैंने आचार संहिता के पहले ही पदभार ग्रहण किया। उसके बाद आचार संहिता लग गई, लेकिन उसके बावजूद मैंने रामपुरा कन्या महाविद्यालय के लिए फर्नीचर व अन्य व्यवस्थाओं के लिए निविदा जारी करने के लिए आयुक्तालय से अनुमति मांगी थी, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया। आचार संहिता के हटने के बाद परचेज कमेटी से अनुमति लेकर लोकल स्तर पर टेंडर जारी करने की प्रक्रिया चल रही थी कि कल ही मुख्यमंत्री ने नए कामों व उनके वर्कऑर्डर पर रोक लगा दी। ऐसे में फिर काम रूक गया। इसके चलते फर्नीचर व अन्य व्यवस्था नहीं कर पाए।
सीमा चौहान, प्राचार्य, राजकीय कला कन्या महाविद्यालय