कोटा. शहर में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने बाहर से आकर अपराध करने वालों का खाका जुटाना शुरू कर दिया है। इसके तहत कोटा में बाहरी शहरों व राज्यों से आने वाले अपराधियों का थानेवार रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है। इसमें बाहर से आने वाले लोगों की पूरी ‘कुंडली’ बनेगी। अभी तक पुलिस ने एेसे हजार से अधिक लोगों की कुंडली तैयार भी कर ली है।
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शहर में बाहर से आकर अपराध करने वालों का रिकॉर्ड प्राथमिकता से अपडेट किया जा रहा है। इसमें अब तक एक हजार लोगों का फार्म-बी भरवाकर इसकी तस्दीक की प्रकिया शुरू कर दी है। इसके अलावा एेसे अन्य लोगों से भी फार्म-बी भरवाया जा रहा है। अपराधियों के अलावा संदिग्धों का भी एेसा ही रिकॉर्ड बनाया जा रहा है। अन्य शहरों व राज्यों में अपराध कर कोटा आने वाले अपराधियों का भी रिकॉर्ड लिया जा रहा है।
एक हजार से अधिक संदिग्ध चिन्हित
उन्होंने बताया कि शहर में अब तक एक हजार से अधिक लोगों से फार्म-बी भरवाया है। इसमें अपराधी या संदिग्ध का पूरा पता, मोबाइल नंबर, परिवार, रिश्तेदार व मित्रों की डिटेल, फोटो आदि रहेंगे। उसे पुराने रिकॉर्ड से जोड़कर दस्तावेज बनाया जाएगा। इसकी तस्दीक संबंधित थाने के थानाधिकारी कर रहे हैं।
फार्म-बी में भरी जाएगी पूरी डिटेल
पुलिस अधीक्षक कोटा सिटी ने इसके लिए थानाधिकारियों को एेसे लोगों के लिए डिजाइन किया गया फार्म-बी भरवाने के निर्देश दिए हैं। इसमें बाहरी श्रमिकों से लेकर झुग्गी-झोपडि़यों, सूने इलाके में रहने वाले, कच्ची बस्तियों में रहने वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। साथ ही, फेरी पर सामान बेचने वाले, ऑटो चालकों, गार्डन, होस्टल व मैस में कार्यरत लोगों की स्क्रूटनी की जा रही है।
डीजीपी ने दिए थे
दिशा-निर्देश
पुलिस महानिदेशक कपिल गर्ग ने बाहरी अपराधियों व संदिग्धों के मामले में पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया। इसमें उनकी पूरी जानकारी जुटाकर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए थे।
शहर में बाहर से आकर अपराध करने वाले संदिग्धों व अपराधियों से फार्म-बी भरवाकर उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। इनकी संबंधित थाने से तस्दीक करवा रहे हैं। इससे अपराधियों का रिकॉर्ड अपडेट होने से पुलिस उन पर नजर रख सकेगी। इसके अलावा उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को अपेक्षाकृत कम मेहनत करनी पड़ेगी, इससे उनके खिलाफ कार्रवाई तेज हो सकेगी।
दीपक भार्गव, पुलिस अधीक्षक, कोटा सिटी