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Reservation: एसिड अटैक विक्टम के जख्मों पर लगा आरक्षण का मरहम, जानिए कैसे और कितना मिलेगा फायदा

कोटा. सरकार ने एसिड अटैक विक्टम के जख्मों पर मरहम लगाते हुए उन्हें आरक्षण देने की घोषणा की है।

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कोटा

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abhishek jain

Jan 22, 2018

ghaziabad news

acid attack

कोटा . विनित सिंह. तेजाब के हमले की शिकार हुई महिलाओं को भी अब नि:शक्तजन माना जाएगा। सरकार ने एसिड अटैक विक्टम के जख्मों पर मरहम लगाते हुए उन्हें नि:शक्तजन की श्रेणी में शामिल कर लिया है। जिसके बाद 15 जनवरी 2018 को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने इन्हें पढ़ाई और नौकरियों में आरक्षण देने का आदेश जारी कर दिया है।
नि:शक्तजन अधिकार कानून के जरिए सरकार ने वर्ष 1995 में दृष्टि बाधित, अल्पदृष्टि बाधित, मानसिक मंदता, श्रवण बाधित, मानसिक रुग्णता, चलने में अक्षम और कुष्ष्ठ रोग मुक्त व्यक्तियों को ही नि:शक्तजन माना था और इन लोगों को आगे बढऩे का अवसर देने के लिए पढ़ाई और नौकरी में 3 प्रतिशत आरक्षण भी दिया था।

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14 नई अक्षमताएं जुड़ीं
नए निशक्तजन अधिकार कानून 2016 में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार एसिड अटैक विक्टम और रक्त विकार से ग्रसित लोगों समेत 14 नई अक्षमताओं को शामिल किया गया है।

ऐसे मिलेंगी सहूलियत
नए कानून के दायरे में आने वाली 21 अक्षमताओं को पांच बेंचमार्क श्रेणियों में बांटा गया है। नौकरियों में दृष्टि बाधित, श्रवण बाधित और गामक (चलने-फिरने) अक्षमता की श्रेणी में आने वाले निशक्तजनों को एक-एक फीसदी और बौद्धिक या अधिगम अक्षमता और बहु विकलांगता की श्रेणी में आने वाले निशक्तजनों को एक प्रतिशत आरक्षण की सहूलियत दी जाएगी। पढ़ाई के मामले में अलग-अलग आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया है। वर्धमान महावीर खुला विवि के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अखिलेश कुमार ने बताया कि नए कानून में सबसे बड़ी सहूलियत यह दी गई है कि यदि निशक्तजनों की किसी श्रेणी का कोई दावेदार नहीं है तो उसकी जगह खाली रखने के बजाय आरक्षण का फायदा दूसरी श्रेणी के निशक्तजन को दे दिया जाएगा।

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निशक्तजन श्रेणी में शामिल अक्षमताएं
1. शारीरिक अक्षमता :
ए-चलन संबंधी अक्षमता : एसिड अटैक विक्टम, कुष्ष्ठ रोग मुक्त व्यक्ति, सेरेब्रल पॉल्सी, बौनापन, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी
बी-दृष्टि बाधित : अंधता और अल्प दृष्टि
सी- श्रवण बाधित : बधिरता और श्रवण कठिनाई
डी : वाणी और भाषाई अक्षमता
2. बौद्धिक अक्षमता : इंटलेक्चुअल डिसएबिलिटी, स्पेशल लर्निंग डिसएबिलिटी, आटिस्टिक स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर
3. मानसिक रुग्णता : मानसिक रूप से अक्षम
4. न्यूरोलॉजिकल-रक्त विकार : मल्टीपल स्केलेरोसिस, पार्किन्सन डिजीज, हेमोफीलिया, थैलसीमिया, सिकल सेल डिजीज
5. बहु विकलांगता : एक साथ कई अक्षमताएं
नि:शक्तजनों को पढ़ाई में 5 फीसदी और नौकरियों में मिलेगा 4 फीसदी आरक्षण

संसद को भी मिला अधिकार
डॉ. अखिलेश कुमार ने बताया कि नए कानून में संसद को भी निशक्तजनों की नई श्रेणी चिन्हित करने का अधिकार देकर पुराने कानून की बड़ी खामी को दूर किया गया है। पूरे कानून में बदलाव करने के बजाय संसद में प्रस्ताव पारित कर आसानी से नई अक्षमता को इसमें जोड़ा जा सकेगा। नया कानून 19 अप्रेल 2017 से लागू माना जाएगा।