कोटा. चंबल नदी की डाउन स्ट्रीम में रियासतकालीन पुलिया के पास पड़े हजारों टन पत्थरो को हटाने की मांग जोर पकड़ने लगी है और कोटा नगर विकास न्यास के चंबल नदी पर रीवर फ्रंट ड्रीम प्रोजेक्ट से पहले पर्यावरण प्रेमी चंबल नदी की धारा प्रवाह को अविरल करने की मांग कर रहे है ।
सोमवार हम लोग संस्था के संयोजक डॉ सुधीर गुप्ता के नेतृत्व में किसानो,पर्यावरण प्रेमियो और सामाजिक संस्थाओ से जुडे सदस्यो का प्रतिनिधिमंडल संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचा और अतिरिक्त संभागीय आयुक्त प्रियंका गोस्वामी से मुलाकात करके ज्ञापन सौपा।
तिल-तिल कर मर रही 50 से अधिक गांवों की जीवनदायनी, जहरीला हो गया ‘ स्वभाव ‘
प्रतिनिधिमंड़ल का कहना था कि रियासतकालीन पुल पुरानी पुलिया के पास नदी के बहाव में स्लेब और ढेर सारा मलबा चंबल की सुदंरता को ग्रहण लगा रहा है। इस अवरोध के कारण न केवल नदी का जलप्रवाह बाधित हो रहा है, साथ में गंदगी का अंबार भी लगा रहा है जो नदी को अशुद्ध कर रहा है।
तिल-तिल कर मर रही 50 से अधिक गांवों की जीवनदायनी, जहरीला हो गया ‘ स्वभाव ‘
उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द कोई योजना तैयार करके इन पत्थरों को बाहर निकाला जाए और चंबल को शुुद्ध बनानेे में अपना योग दान अदा करे। इस दौरान किसान मोर्चा के दशरथ शर्मा, प्रकृति प्रेमी व हम लोग संस्था से जुड़े सदस्य मौजूद रहे।