
कोटा .
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा निजी स्कूलों से 17 साल पुराना ऑनलाइन रिकॉर्ड मांगने समेत अन्य व्यवस्थाएं थोपने के विरोध में प्राइवेट स्कूल संगठन समिति के आह्वान पर गुरुवार को कोटा जिले के सभी सीबीएसई व आरबीएसई स्कूल पूर्णतया बंद रहेंगे। स्कूलों के सुबह से ही ताले नहीं खुले। इस कारण स्कूलों में बच्चों की चहल- पहल नहीं दिखी। जो स्कूल खुले थे, उन्हें निजी स्कूल संचालकों की टोलियों ने बंद कराया दिया। कोटा जिले में सीबीएसई के 51 व आरबीएसई से जुड़े 1105 स्कूल है। यह सभी स्कूल बंद रहे।
दोगली नीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यप्रकाश शर्मा की अगुवाई में छावनी फ्लाईओवर के नीचे शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला फूंका। अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार व शिक्षा मंत्री निजी विद्यालयों पर दोगली नीति अपना रहे है। मनमाने तरीके के आदेश जारी किए जा रहे है। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पांचवीं व आठवीं बोर्ड को लागू कर दिया, लेकिन मध्य सत्र तक पुस्तकें नहीं है।
सरकार की योजनाओं का लाभ प्राइवेट स्कूल के विद्यार्थियों को भी नहीं दिया जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा अब 2001 से 2017 तक का वार्षिक शुल्क, सम्बद्वता शुल्क, अध्यापक विवरण, अन्य कई सूचनाएं ऑनलाइन मांगी जा रही है, जो किसी प्रकार से उचित नहीं है। संचालकों ने सरकार की दोगली नीति का विरोध किया है। प्रदर्शन के समय कुलदीप माथुर, धर्मेन्द्र दीक्षित, अनुराग मलिक, संजय विजय, मुकुट कुशवाह, प्रवीण गुप्ता, भूपेन्द्र कुमार समेत अन्य संचालक मौजूद रहे। कोटा से कुछ निजी संचालकों ने अजमेर जाकर बोर्ड अधिकारियों का घेराव किया है।
बंद में इनका मिला समर्थन
सहोदय काम्पलेक्स के अध्यक्ष प्रदीप सिंह गौड़, प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसायटी के महामंत्री संजय शर्मा, कोटा एजूकेशन डवलपमेंट फोरम के अध्यक्ष ओम माहेश्वरी, निजी विद्यालय संचालक संस्थान के महामंत्री पंकज महेन्द्र वात्स्य, गैर सरकारी विद्यालय संचालक संघ के संरक्षक मुकुट कुशवाह व प्रोग्रसिव सहोदय काम्पलेक्स कोटा के अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल ने स्कूलों को बंद का समर्थन मिला।
Published on:
30 Nov 2017, 8:47 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.