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पूरे शहर में सीवरेज की सुविधा अभी दूर की कौड़ी

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत होने वाले कार्य कोटा में अंतिम चरण में चल रहे हैं। इसके साथ ही नगर विकास न्यास के कई बड़े प्रोजेक्ट भी इसी साल पूरे होंगे। वहीं आरयूआईडीपी के तहत कोटा में चल रहा सीवरेज लाइन का निर्माण कार्य करीब 96 प्रतिशत हो गया है। अब तक 72 प्रतिशत क्षेत्र को ही सीवरेज के लिए कवर किया जा रहा है। बची आबादी के लिए कब तक योजना आएगी, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है।

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कोटा. स्मार्ट सिटी मिशन के तहत होने वाले कार्य कोटा में अंतिम चरण में चल रहे हैं। इसके साथ ही नगर विकास न्यास के कई बड़े प्रोजेक्ट भी इसी साल पूरे होंगे। वहीं आरयूआईडीपी के तहत कोटा में चल रहा सीवरेज लाइन का निर्माण कार्य करीब 96 प्रतिशत हो गया है। न्यास की ओर से भी कई इलाकों में सीवरेज कार्य किया जा रहा है। दोनों एजेंसी के कार्य पूरे होने के बाद भी पूरे शहर को सीवरेज की सुविधा नहीं मिलेगी। वह इसलिए कि अब तक 72 प्रतिशत क्षेत्र को ही सीवरेज के लिए कवर किया जा रहा है। बची आबादी के लिए कब तक योजना आएगी, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। राजस्थान के शहरों में सीवरेज लाइन बिछाने का प्रोजेक्ट वर्ष 2000 में आया था। तब से अलग-अलग चरण में प्रदेश के कई शहरों में सीवरेज बिछाई जा चुकी है। कोटा में बीते 21 साल में पहले चरण में 11 प्रतिशत सीवरेज लाइन ही बिछाई जा सकी। इसके बाद अभी तक प्रस्तावित घरों को इससे नहीं जोड़ा जा सका है। इसमें अभी भी कई जगह खामियां हैं। 2013 में नगर निगम को सुपुर्द की गई सीवरेज लाइन अभी ठीक से नहीं चल रही। आए दिन दिक्कत हो रही है।
कोटा में नगर विकास न्यास एवं आरयूआईडीपी के जरिए अब तक तीन चरण में करीब 430 किमी से ज्यादा सीवरेज बिछाई जा चुकी है। आरयूआईडीपी के जरिए तीसरे चरण में 2022 तक 42 प्रतिशत और न्यास की ओर से 20 प्रतिशत शहर में सीवरेज बिछाने का कार्य चल रहा है। तीन चरण पूरे होने के बाद भी कोटा का 27 प्रतिशत क्षेत्र सीवरेज से वंचित रहेगा।

बारिश के चलते खुदाई का कार्य बंद कर दिया है, अब रास्तों को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है। ज्यादा कार्य विज्ञान नगर में बचा है। अभी केवल 14.22 किमी सीवरेज लाइन का कार्य शेष है।

- राकेश गर्ग, एसई, आरयूआईडीपी

सीवरेज लाइन बिछाने में लापरवाही हो रही है। इस कारण जनता परेशान हो रही है। कई जगह सड़कों का मरम्मत कार्य पहले जैसा नहीं किया जा रहा। इससे भी लोगों में नाराजगी है।
- संदीप शर्मा, विधायक, कोटा दक्षिण

इस तरह की है सीवरेज योजनाएं
- 2046 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार बिछाई जा रही सीवरेज।
- 4 एसटीपी आरयूआईडीपी के जरिए बनाए जा रहे हैं कोटा शहर में।
- 15 एमएलडी क्षमता का एसटीपी काला तालाब में बन गया है।
- 40 एमएलडी क्षमता का एसटीपी धाकडख़ेड़ी में बन रहा है।
- 2 एमएलडी क्षमता का एसटीपी आईएल कैम्पस में होगा।
- 15 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बालिता में बन रहा है।
- 30 एमएलडी क्षमता का एसटीपी साजीदेहड़ा में बना हुआ है।
- 30 एमएलडी क्षमता का अतिरिक्त एसटीपी बालिता में न्यास बनाएगा।
- 6 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बालिता में न्यास बनाएगा।
-2 एसटीपी चम्बल में गिरने वाले नालों के पानी को ट्रीट करेंगे।
- 45 किमी सीवरेज पहले से बनी हुई, जिसमें करीब 3500 कनेक्शन हैं।