
कोटा. कलाकार की उम्र नहीं, बल्कि उसकी कला को देखना चाहिए। केरल की 11 वर्षीय सूर्या गायत्री पर ये कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है।
इस उम्र में बच्चे मस्ती व खेलकूद में मशगूल रहते हैं, लेकिन सूर्या गायत्री के लिए संगीत ही उसकी मस्ती है, जिसके सुरों के साथ वो दिन-रात खेलती है।
कम उम्र में सूर्या अमेरिका, लंदन, सिंगापुर समेत अन्य कई देशों में अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेर चुकी। इतना ही नहीं, सूर्यागायत्री द्वारा गाई हनुमान चालीसा को यूट्यूब पर अभी पांच मीलियन से ज्यादा लोग देख चुके हैं।
उनके द्वारा गाया प्रसिद्ध भजन 'जय गणेश-जय गणेश, जय गणेश रक्षमाम...Ó अभी तक लोगों की जुबान पर है। चेन्नई निवासी कुलदीप एम पाई गायत्री को संगीत की तालीम दे रहे हैं। सूर्या फिलहाल स्पिक मैके की ओर से आयोजित तीन दिवसीय संगीत कार्यक्रमों में प्रस्तुति देने कोटा आई हैं।
पढ़ाई में भी बेहतरीन प्रदर्शन
सूर्यागायत्री सिर्फ संगीत में ही नहीं बल्कि पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। वो कक्षा छह की विद्यार्थी है। पिछली कक्षा में उसने 92.5 फीसदी अंक प्राप्त किए।
प्रतिदिन संगीत एवं पढ़ाई के लिए उसने शेड्यूल तय किया हुआ है। सूर्या के साथ उनके मृदंग वादक पिता अनिल कुमार एवं वायलियन वादक श्याम कल्याण भी आए हैं।
बोलती है संस्कृत के श्लोक
सूर्यागायत्री हिन्दी नहीं बोल सकती, लेकिन संस्कृत व हिन्दी के श्लोक उसे कंठस्थ है। विष्णु स्तोत्रम के कठिन संस्कृत श्लोक वो आसानी से गाती है।
Published on:
17 Feb 2017 11:34 pm
बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
