
कोटा. पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा स्थित माल डिब्बा मरम्मत कारखाना में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। रेल कौशल विकास योजना के तहत यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। करीब तीन साल पहले भी इस तरह योजना शुरू की गई थी, लेकिन अब नए सिरे से शुरू किया जा रहा है। रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से उद्योग से संबंधित कौशल में प्रवेश स्तर का प्रशिक्षण प्रदान करके युवाओं को सशक्त बनाने के लिए यह पहल की गई है। रेल कौशल विकास योजना के तहत तीन साल में 50 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य गुणात्मक सुधार लाने के लिए युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण कौशल प्रदान करना है। रेल कौशल विकास योजना के तहत दूरस्थ क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाए। देश में 75 और राजस्थान में पांच प्रशिक्षण केन्द्र बनाए गए हैं। राजस्थान में अजमेर में दो प्रशिक्षण केन्द्र बनाए गए हैं और जोधपुर, बीकानेर, कोटा में एक-एक प्रशिक्षण केन्द्र है।
इस तरह का प्रशिक्षण दिया जाएगा
शुरुआत में 1 हजार उम्मीदवारों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण चार ट्रेडों में प्रदान किया जाएगा। इनमें इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, मशीनिस्ट और फिटर शामिल हैं। 100 घंटे का प्रारंभिक बुनियादी प्रशिक्षण शामिल होगा। क्षेत्रीय मांगों और जरूरतों के आकलन के आधार पर क्षेत्रीय रेलवे और उत्पादन इकाइयों में अन्य ट्रेडों में प्रशिक्षण कार्यक्रम भी जोड़े जा सकेंगे।
ये होगी चयन की प्रक्रिया
प्रशिक्षण नि:शुल्क प्रदान किया जाएगा और प्रतिभागियों का चयन मैट्रिक में अंकों के आधार पर ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों में से किया जाएगा। 10वीं पास और 18-35 साल के बीच के उम्मीदवार आवेदन करने के पात्र होंगे। इस प्रशिक्षण के आधार पर योजना में भाग लेने वालों का रेलवे में रोजगार पाने का कोई दावा नहीं होगा।
पाठ्यक्रम तैयार
इस योजना के लिए बनारस लोकोमोटिव वर्कर्स ने पाठ्यक्रम विकसित किया है। यह योजना अप्रेंटिस अधिनियम 1961 के तहत प्रशिक्षुओं को प्रदान किए जाने वाले प्रशिक्षण के अतिरिक्त होगी। प्रस्तावित कार्यक्रमों, आवेदन प्रक्रिया और सूचना के एकल स्रोत के रूप में एक नोडल वेबसाइट विकसित की जा रही है।
प्रमाण पत्र मिलेगा
प्रशिक्षुओं को एक मानकीकृत मूल्यांकन से गुजरना होगा। प्रशिक्षण के समापन पर राष्ट्रीय रेल और परिवहन संस्थान की ओर से आवंटित ट्रेड में प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। उन्हें उनके व्यापार के लिए टूलकिट भी प्रदान किए जाएंगे। इससे इन प्रशिक्षुओं को अपनी शिक्षा का उपयोग करने और स्व-रोजगार के साथ-साथ विभिन्न उद्योगों में रोजगार की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कोटा माल डिब्बा मरम्मत कारखाना में वेल्डिंग और फिटर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। नए सिरे से यह योजना शुरू हो रही है। कुछ साल पहले भी प्रशिक्षण दिया गया था।
-मनीष कुमार गुप्ता, मुख्य कारखाना प्रबंधक, कोटा
Published on:
18 Sept 2021 09:51 am
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