
अद्भुद...स्तुति...बेटी के भविष्य के खातिर मां ने छोड़ दी थी अपनी प्रेक्टिस...एक ही बार में जेईई, नीट, जिपमेर और एम्स किया क्रेक
सूरत की होनहार बेटी को कोटा में मिला मुकाम
कोटा. में कोचिंग करने वाली सूरत की स्तुति खाण्डवाला ने मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा एक साथ क्रेक कर शहर का नाम देशभर में रोशन किया है। वह इन परीक्षाओं में टॉपर भी बनी है। इस सफलता के पीछे उसके माता-पिता का संघर्ष है। बेटी के सपने को साकार करने के लिए डॉक्टर मां ने अपनी प्रेक्टिस तक छोड़ दी और कोटा में बस गई। वहीं, पिता बेटी के लिए तीन साल सूरत से कोटा अप-डाउन करते रहे।
सूरत के आरटीओ स्थित नवचेतन सोसायटी निवासी डॉ.शीतल खांडवाला पेशे से पेथोलोजी डॉक्टर हैं। उनकी पत्नी डॉ. हेतल डेंटिस्ट हैं। उनकी बेटी स्तुति ने एम्स प्रवेश परीक्षा 2019 में ऑल इंडिया 10वीं रैंक, नीट में 71, जिपमेर में 27 और जेईई मेन्स में ऑल इंडिया 1086 रैंक हासिल कर देशभर में सूरत का नाम रोशन किया। स्तुति ने अमरीका में पढ़ाई के लिए पास की जाने वाली सेट परीक्षा में भी 100 पर्सेन्टाइल हासिल किए हैं। बोस्टन में स्थित एमआइटी यूनिवर्सिटी में उसका स्कॉलरशिप के लिए चयन भी हुआ है। सूरत की इस होनहार बेटी की सफलता की सीढ़ी बने उसके माता-पिता ने काफी संघर्ष किया है।
बस गए कोटा में
पिता डॉ. शीतल ने बताया कि स्तुति पढऩे में शुरू से ही होशियार थी। 10वीं की पढ़ाई के दौरान एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट से उसे कोटा आकर पढऩे के लिए कहा गया। तब उसकी माता डॉ. हेतल भी प्रेक्टिस कर रही थी। बेटी के अच्छे भविष्य के लिए कोटा के डीडीपीएस स्कूल में प्रवेश दिलाया और विभिन्न प्रवेश प्ररीक्षाओं की तैयारी शुरू करवाई। अनजान शहर में बेटी को अकेले छोडऩे के बजाया हेतल ने बेटी के साथ रहना पसंद किया। इसके लिए उसने अपनी प्रेक्टिस तक छोड़ दी।
बेटी के सपने के लिए किया
माता डॉ. हेतल ने बताया कि बेटी होनहार है, उसका सपना किसी भी क्षेत्र में देश का नाम दुनिया भर में रोशन करना है। हमने उसके इस सपने को समर्थन दिया। बेटी के लिए प्रेक्टिस छोड़ दी और तीन साल तक कोटा में उसके साथ रही। अब जब बेटी ने एक मुकाम हासिल कर लिया है, तो फिर से प्रेक्टिस शुरू कर देंगे।
रिसर्च में देश का गौरव बढ़ाना है
स्तुति ने बताया कि उसे अमरीका में स्थित विश्व के श्रेष्ठतम संस्थान मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी(एमआइटी) में एडमिशन मिल चुका है। वहां से पढ़ाई के बाद रिसर्च के क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ाना है। माता-पिता ने मेरे सपने को साकार करने के लिए काफी संघर्ष किया है और अभी भी कर रहे हैं।
Published on:
16 Jun 2019 11:39 am
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