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Speaker Om Birla… स्पीकर ओम बिरला के बारे में जानिए सबकुछ, बिरला ने फिर रचा इतिहास

बिरला ने स्पीकर रहते हुए कई कीर्तिमान कायम किए हैं। पहले ही सत्र में 46 महिला सांसदों सहित सभी प्रथम निर्वाचित सदस्यों को अभिव्यक्ति का अवसर दिया। पहले सत्र में शून्यकाल के दौरान 1066 सदस्यों को विषय उठाने का अवसर दिया गया जो लोक सभा के इतिहास में किसी एक सत्र का रिकॉर्ड है।

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स्पीकर ओम बिरला व पत्नी डा अमित बिरला ईश्वर की आराधना करते हुए

संसद में बिरला की जमकर तारीफ

कोटा-बूंदी के सांसद ओम बिरला लगातार दूसरी बार लोकसभा के अध्यक्ष बन गए हैं। बिरला ने फिर इतिहास रच दिया है। बिरला जिस भी क्षेत्र में कदम रखते हैं, वहां इतिहास बनाते हैं। स्पीकर बनने पर संसद सदस्यों ने बिरला को बधाई दी। संसद में बिरला के कार्यकाल की जमकर तारीफ की।

कई कीर्तिमान कायम किए

बिरला ने स्पीकर रहते हुए कई कीर्तिमान कायम किए हैं। पहले ही सत्र में 46 महिला सांसदों सहित सभी प्रथम निर्वाचित सदस्यों को अभिव्यक्ति का अवसर दिया। पहले सत्र में शून्यकाल के दौरान 1066 सदस्यों को विषय उठाने का अवसर दिया गया जो लोक सभा के इतिहास में किसी एक सत्र का रिकॉर्ड है। पहले सत्र के दौरान 18 जुलाई 2019 को शून्य काल के दौरान 161 सदस्यों को विषय उठाने का अवसर दिया गया जो लोक सभा के इतिहास में किसी एक दिन का रिकॉर्ड है। शून्य काल में उठाए गए विषयों पर भी माननीय सांसदों को उत्तर दिलवाने की व्यवस्था प्रारंभ की गई।सांसदों द्वारा नियम 377 के तहत उठाए गए विषयों के उत्तर मंत्रालयों द्वारा निर्धारित 30 दिन में देने पर कड़ाई से अमल करवाया गया। इस कारण 17वीं लोक सभा के दौरान लगभग 95 प्रतिशत विषयों पर माननीय सांसदों को प्रतिउत्तर प्राप्त हुए।


ओम बिरला का जीवन वृत्त

जन्म : 23 नवम्बर 1962

शिक्षा : एम.कॉम.

पिता : स्व. श्रीकृष्ण बिरला जी

माता स्व. शकुंतला देवी

पत्नी : डा. अमिता बिरला (एम.डी.-स्त्री रोग विशेषज्ञ)

पुत्री : आकांक्षा बिरला (चार्टर्ड एकाउंटेंट)

अंजलि बिरला (IRPS- भारतीय रेल)

भाई-बहिन: छह भाई-तीन बहिन

राजनीतिक जीवन

जिला अध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा, कोटा (1987-91)

प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा, राजस्थान राज्य (1991-1997)

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा (1997-2003)

कोटा विधान सभा सीट से विधायक 2003 (पहले ही चुनाव में कद्दावर कांग्रेसी मंत्री शांति धारीवाल को 10101 वोट से हराया)

कोटा दक्षिण विधान सभा सीट से विधायक 2008 (कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कद्दावर मंत्री राम किशन वर्मा को 24252 वोट से हराया)

कोटा दक्षिण विधान सभा सीट से विधायक 2013 (कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पीसीसी महासचिव पंकज मेहता को 49439 वोट से हराया)

कोटा-बूंदी लोक सभा सीट से सांसद 2014 (2009 से 2014 तक कांग्रेस पार्टी से सांसद इज्यराज सिंह को वोट 2 लाख 782 वोट से कराया )

कोटा-बूंदी लोक सभा सीट से सांसद 2019 (वरिष्ठ कांग्रेस नेता तथा विधायक रामनारायण मीणा को 2 लाख 79 हजार वोट से हराया)

कोटा-बूंदी लोक सभा सीट से सांसद 2024 (भाजपा से बागी होकर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल को 42 हजार वोट से हराया)

कोटा के इतिहास में वैद्य दाऊदयाल जोशी जी के बाद लगातार तीन विधान सभा और तीन लोक सभा चुनाव जीतने वाले पहले जनप्रतिनिधि।