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Good News: दिल्ली-मुंबई एटलेन एक्सप्रेस-वे पर बनेगा स्टोन पार्क, 1000 करोड़ से अधिक का होगा निवेश, खुलेंगे रोजगार के अवसर

Kota Development News: कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र में रीको के गूंदी-फतेहपुर औद्योगिक क्षेत्र में 108 हैक्टेयर में स्टोन पार्क विकसित किया जाएगा। रीको ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिए हैं।

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कोटा

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Akshita Deora

Feb 27, 2025

Stone Park In Hadoti: हाड़ौती के प्रमुख कोटा स्टोन और सेण्ड स्टोन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने दो स्टोन पार्क विकसित करने का फैसला किया है। इन पार्कों में पत्थरों का वैल्यू एडिशन कर निर्यात उन्मुख उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसके जरिए क्षेत्र में 1000 करोड़ से अधिक का निवेश होने की संभावना है, जिससे नए उद्योग स्थापित होंगे और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। हाड़ौती अंचल में उच्च गुणवत्ता वाले लाइम स्टोन (कोटा स्टोन) और सेण्ड स्टोन का उत्पादन होता है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी मांग है। लंबे समय से स्टोन पार्क की मांग की जा रही थी। अब स्टोन पार्क के रूप में यह मांग पूरी होने जा रही है।

गूंदी-फतेहपुर में बनेगा कोटा स्टोन पार्क

कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र में रीको के गूंदी-फतेहपुर औद्योगिक क्षेत्र में 108 हैक्टेयर में स्टोन पार्क विकसित किया जाएगा। रीको ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिए हैं। यह स्टोन पार्क दिल्ली-मुंबई एटलेन एक्सप्रेस-वे के पास स्थित होगा, जिससे माल परिवहन आसान रहेगा। यह क्षेत्र कोटा और झालावाड़ के बीच स्थित होने से दोनों जिलों के पत्थर उद्यमियों को लाभ होगा। पिछले राज्य बजट में स्टोन मंडी की घोषणा की गई थी, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विधायकों ने इसे स्टोन पार्क के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया था।


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धनेश्वर में बनेगा सेण्ड स्टोन पार्क

बूंदी जिले के धनेश्वर में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के पास स्टोन पार्क विकसित किया जाएगा। रीको ने पहले ही 150 हैक्टेयर जमीन चिह्नित कर रखी थी। हाल ही राज्य बजट में इसकी औपचारिक घोषणा की गई। यह क्षेत्र डाबी और बिजौलिया के नजदीक है, जो सेण्ड स्टोन माइनिंग के प्रमुख केंद्र हैं। इस पार्क में 250 से अधिक उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे।

पत्रिका ने उठाया था मुद्दा

राजस्थान पत्रिका ने ’’अपना खनिज-अपना उद्योग’’ अभियान चलाया, जिसमें यह मांग उठाई गई कि जहां खनिज निकलता है, वहीं उसके उद्योग भी स्थापित किए जाएं। इस अभियान को जनप्रतिनिधियों और उद्यमियों का समर्थन मिला। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सरकार से स्टोन पार्क की मांग को लेकर बात की।

गूंदी-फतेहपुर में स्टोन पार्क के लिए 108 हैक्टेयर जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिए गए हैं। साथ ही, हाल में बजट में बूंदी में घोषित स्टोन पार्क के लिए कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) के अधीन आने वाले धनेश्वर में जमीन चिह्नित की गई है।

एम.के. शर्मा, उप महाप्रबंधक, रीको, कोटा

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