कोटा. हर तरफ बिपरजॉय ने लोगों को आश्यर्च में डाल रखा है। हर तरफ इसकी चर्चा इधर को गोरांग धाम पर कोटा की तेजतर्रार व प्रतिभावान बेटियों ने अपने हैरतअंगेज करतबों सेआश्चर्य में डाल दिया। उपिस्थत हर कोटा की प्रतिभावान बेटियों की चुस्ती-स्फूर्ति और कलाबाजी को आश्यर्च की नजरों से देखता रही रह गया।
अवसर था, वानर सेना की ओर से आयोजित पन्द्रह दिवसीय संस्कार शिविर के समापन का। शिविर के दौरान प्रतिभागियों ने भोजन मंत्र, विजय मंत्र, महामंत्र जाप करने का तरीका सीखा। बेटियों को आत्मरक्षा के गुर भी सिखाए गए। 5 से 15 वर्ष के बच्चे शामिल हुए। उन्होंने समापन पर शिविर के दौरान जो कुछ सीखा उसका प्रदर्शन किया। बच्चों ने संस्कृत के मंत्रों का बखूबी उच्चारण किया। प्रतिभावान बेटियों ने लाठियां घुमाई।
उन्होंने इतनी तेजी से लाठियां घुमाई की सब देखते ही रह गया।समूह के रूप में बेटियां अपना करतब दिखाती नजर आई। उन्होंने देर तक आत्मरक्षा के विभिन्न सीखे पैंतरों का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षक व उपिस्थत लोगों ने बेटियों के हौसले की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारी बेटियां किसी से कम नही हैं।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि सनातन धर्म अखाड़ा समिति के संभागीय अध्यक्ष राधावल्लभ शर्मा मुख्य अतिथि थे। अनंत चतुर्दशी महोत्सव आयोजन समिति के प्रभारी राजेंद्र जैन विशिष्ठ अतिथि थे। अध्यक्षता वानर सेना प्रमुख गजेंद्र भार्गव ने की। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को अपनी संस्कृति से जोडना जरूरी है। हर बेटी में मुसीबत से लड़ने का जब्जा होना चाहिए। शुरू में वानर सेना के विभाग सुरक्षा प्रमुख अमृत गुज्जर, गो सेवा प्रमुख योगेश कटारिया ने अथितियों का स्वागत किया।
यहां सीखा संध्यावंदन, पढबी बैदिक गणित
श्रीसहस्त्र औदीच्य युवा समिति कोटा के तत्वावधान में आयोजित ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का समापन शनिवार को हुआ। इसमें बच्चों ने योग, संध्या वदन, समाज इतिहास व वैदिक गणित की जानकारी प्राप्त की। समिति अध्यक्ष लवलेश पाठक ने बताया कि समारोह के अतिथि गोदावरी धाम के महंत शैलेन्द्र भार्गव, श्रीसहस्त्र औदीच्य पंचायत अध्यक्ष दिग्विजय शुक्ला ने बच्चों को आर्शीवचन प्रदान किए। समारोह में दिनकर पाठक, नन्दकुमार मेहता, वर्तिका औदीच्य आदि मौजूद रहे।