
कोटा . पुरानी पेंशन नीति लागू करने व नई पेंशन नीति को समाप्त करने को लेकर कोटा संभाग के शिक्षक गुरुवार को सरकार को जगाने के लिए कोटा में हुंकार भरेंगे। राजस्थान शिक्षक महासंघ के बैनर तले संभाग स्तरीय आक्रोश रैली निकाली जाएगी और कलक्ट्री पर प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें करीब दो हजार से अधिक शिक्षक जुटेंगे।
राजस्थान शिक्षक महासंघ के प्रदेश प्रभारी श्याम सुन्दर शर्मा ने बताया कि पुरानी पेंशन नीति लागू करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को तीन बार ज्ञापन दिया जा चुका है। पूरे राजस्थान से दो दर्जन से अधिक विधायकों से मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखवाएं जा चुके है। बावजूद सरकार के कानों में जूं नहीं रेंग रही है। इससे शिक्षक वर्ग में सरकार के प्रति आक्रोश है।
शिक्षकों को सड़कों पर उतरने को मजबूरन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रैली दोपहर 12 बजे शहीद स्मारक पार्क से रवाना होकर कोटा कलक्ट्रेट पर पहुंचेगी। यहां प्रदर्शन होगा, फिर कलक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा। शिक्षकों से लगातार डोर-टू-डोर सम्पर्क किया जा रहा है।
इसलिए कर रहे है विरोध
जनवरी 2004 में राज्य कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन नीति को समाप्त कर नवीन अंशदायी पेंशन योजना को लागू कर दिया गया। इस योजना में 10 प्रतिशत राशि कर्मचारी के वेतन से, 10 प्रतिशत राशि सरकार द्वारा एनएसडीएल में जमा कराई जाती है। एनएसडीएल इसे विभिन्न कम्पनियों में शेयर मार्केट में निवेश करता है।
Shab-e-Barat Special: शब-ए-बारात पर ऐसे करें गुनाहों से तौबा, बरसेगी अल्लाह की रहमत
इस निवेश की एक प्रतिशत भी वापसी की गारंटी सरकार द्वारा नहीं दी जाती है। कर्मचारी के सेवानिवृत्ति पर 60 प्रतिशत राशि कर्मचारी को, शेष 40 प्रतिशत राशि कम्पनी के पास रहेगी और उसी से कम्पनी फि क्स पेंशन देगी। इसमें सरकार की ओर से कोई महंगाई भत्ता व अन्य लाभ भी देय नहीं है।
Published on:
01 May 2018 02:42 pm

बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
