
....तो खैराबाद मेला मैदान में खड़े होंगे जिंसों के वाहन
रामगंजमण्डी. धनिया मंडी में कृषि जिंसों की आवक से मंडी यार्ड हाउस फुल होने के बाद सडकों व साबू क्रीडांगन मैदान में खड़े होने वाले कृषि ङ्क्षजसों के वाहनों को अब सीधे खैराबाद के मेला ग्राउन्ड में खड़ा किया जाएगा। मंगलवार को कृषि उपजमंडी समिति सभागार में होने वाली बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया।
धनिया मंडी में इन दिनों कृषि जिंसों की अच्छी आवक हो रही है। मार्च माह के अंतिम दिनों से प्रारंभ होने वाला ङ्क्षजसों का यह सीजन अप्रेल माह तक चलता है। कोरोना काल से पहले धनिया की अच्छी पैदावार होने के कारण अक्सर नगर में ङ्क्षजसों से भरे वाहनों को सड$क पर व साबू क्रीडांगन में खड़ा किया जाता रहा है। इस बार ऐसे हालात तीन दिन तक मंडी में छुटटी के बाद सोमवार को जब कारोबार शुरु हुआ तब पैदा हुए तो साबू क्रीडांगन में ङ्क्षजसों से भरे वाहनों को खड़ा किया गया। प्रशासन ने भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए लोगों को जाम के कारण असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। यातायात व्यवस्था सूचारू रखने के लिए कृषि जिन्सों के वाहनों को शहर के नारायण टाकिज चौराहे से ओवर ब्रिज पर होते हुए खैराबाद मेला ग्राउण्ड में, उण्डवा तिराहे से बाईपास होते हुए खैराबाद मैला ग्राउण्ड में तथा मारवाड चौराहे से अण्डरपास होते हुए ङ्क्षजसों से भरे वाहनों को खैराबाद मेला ग्राउण्ड पर खडे करने का निर्णय लिया। मेला ग्राउण्ड पर खडे वाहनों को प्रतिदिन रात्रि 12 बजे कृषि उपजमंडी समिति प्रांगण में भिजवाया जाएगा। मंडी में जब हाउस फुल के हालात बनेंगे तभी यह व्यवस्था लागू होगी। मेला ग्राउण्ड में छाया पानी व प्रकाश की व्यवस्था कराने, अधिशासी अधिकारी को चल शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
धनिया के भावों में आई तेजी : रामगंजमंडी कृषि उपज मंडी में मंगलवार को दूसरे दिन करीब चालीस हजार बोरी से ज्यादा कृषि ङ्क्षजसों की आवक हुई। धनिया की करीब तीन से चार हजार बोरी इस दिन बिक नहीं पाई। धनिया के भावों में बंद बाजार की तुलना में भावों में तेजी का रुख देखने को मिला तो मिडियम क्वालिटी के धनिया में गिरावट भी सामने आई। मंगलवार को नीलामी यार्ड पूरी तरह से धनिया से ठसाठस भरा हुआ दिखा तो चना की ढ़ेरिया दो यार्ड में देखने को मिली। सरसों की आवक का ग्राफ कमजोर जरुर हुआ पर चना ङ्क्षजस के रफ्तार पकडऩे से यार्ड में ङ्क्षजसों की दूर-दूर तक ढेरियां देखने को मिली। वाहनों का ङ्क्षजसों से भरकर दिसावर के साथ गोदामों तक पहुंचाने का कार्य पूर्ववत जारी रहा। जिसके कारण नीलामी में बिकी हुई ङ्क्षजस का उठाव होने से दूसरे दिन आने वाली ङ्क्षजस को रखने की जगह भी यहां होती रही। हम्मालों को दिनभर तुलाई व लदान से बैठने का मौका नहीं मिला। ऊंटगाड़ी व ठेला चालकों का ङ्क्षजसों के कारोबार में तेजी से कामकाज अच्छा चला तो मंडी गेट के बाहर दुकाने लगाने वालों को ग्राहकों के कारण फुर्सत नहीं मिल पाई।
Published on:
23 Mar 2022 01:59 am
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