24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान के इस तालाब से कभी होती थी सिंचाई, अब कचरा पात्र बनकर रह गया

सरकार की ओर से ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण-जन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें प्राचीन जलस्रोतों की सफाई की जा रही और लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक किया जा रहा है, लेकिन शहर के प्राचीन रंगबाड़ी तालाब शासन-प्रशासन की अनदेखी का दंश झेल रहा है।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Hemant Sharma

•

Updated: 12 Jun 2025, 6:39 PM IST

rangbaditalab_

रंगबाड़ी तालाब

Kota.सरकार की ओर से ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण-जन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें प्राचीन जलस्रोतों की सफाई की जा रही और लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक किया जा रहा है, लेकिन शहर के प्राचीन रंगबाड़ी तालाब शासन-प्रशासन की अनदेखी का दंश झेल रहा है। आसपास के लोगों ने भी इस तालाब को कचरापात्र बना दिया है। कचरा डालने और सीवरेज का गंदा पानी तालाब में आने से दुर्गंध फैल रही है। जबकि तालाब से सटा ही रंगबाड़ी बालाजी का प्राचीन मंदिर है।

रंगबाड़ी के बालाजी मंदिर के पास स्थित रियासतकालीन रंगबाड़ी तालाब अब दुर्दशा का शिकार है। तालाब की पाल के चारों ओर कचरा, गंदगी और कीचड़ का अंबार लगा है। पाल भी जर्जर हो रही है। मैन रोड के किनारे तालाब की पाल पर बनी दीवार पर की जालियों के सरिये उखड रहे हैं। दीवार जर्जर हो गई है। तालाब के मौखे अवरुद्ध हो रहे हैं। ड्रैनेज सिस्टम प्रोपर नहीं होने से बस्ती का गंदा पानी तालाब में गिर रहा है। तालाब पर बनाया गया घाट जर्जर हो रहा है। क्षेत्रवासियों के अनुसार तालाब की मरमत व सौंन्दर्यीकरण हो जाए तो उपयोगी हो सकता है।

बड़ी खबरें

View All

कोटा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग