9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लॉकडाउन में पुरानी रेट पर दूध बेचेंगे, किसी को दाम नहीं बढ़ाने देंगे

कोटा. कोरोना महामारी से जूझ रहे देश और लॉकडाउन का फायदा उठाकर शहर में किराना व्यापारियों द्वारा कीमतों में वृद्धि के विरोध में गांवों से आकर शहर में दूध बेचने वालों ने शनिवार को आईएल चौराहा पर पूर्व पार्षद सुरेश गुर्जर के नेतृत्व में बैठक आयोजित की। बैठक में दो दर्जन से ज्यादा दूधवाले शामिल हुए।

less than 1 minute read
Google source verification
गांवों से शहर में आकर दूध बेचने वालों ने ली शपथ

लॉकडाउन में पुरानी रेट पर दूध बेचेंगे, किसी को दाम नहीं बढ़ाने देंगे

कोटा. कोरोना महामारी से जूझ रहे देश और लॉकडाउन का फायदा उठाकर शहर में किराना व्यापारियों द्वारा कीमतों में वृद्धि के विरोध में गांवों से आकर शहर में दूध बेचने वालों ने शनिवार को आईएल चौराहा पर पूर्व पार्षद सुरेश गुर्जर के नेतृत्व में बैठक आयोजित की। बैठक में दो दर्जन से ज्यादा दूधवाले शामिल हुए।

कोटा की सड़कों को सेनेटाइज करने ग्रामीण आगे आए


अमरकुंआ कोलाना निवासी घासीलाल गुंजल ने बताया कि शहर में लॉकडाउन का फायदा उठाकर किराना व खल चूरी के व्यापारियों ने दामों में वृद्धि कर दी। जबकि इस महामारी में देश के हर निवासी का फर्ज बनता है कि इसमें सहयोग करें। बैठक में सभी दूधवालों ने लॉकडाउन के दौरान सरकार व प्रशासन का सहयोग करने का निर्णय लिया। निर्णय के अनुसार सभी लोगों ने मिलकर घोषणा की ग्राहकों को लॉकडाउन के दौरान पुरानी रेट पर ही दूथ का वितरण किया जाएगा और गांवों से आकर शहर में घर-घर दूध सप्लाई करने वालों को दूध की रेट नहीं बढाने दी जाएगी। रामदेव गुर्जर व हजारीलाल गुर्जर ने बताया कि लॉकडाउन का फायदा उठाकर व्यापारियों ने खल चूरी की कीमतों में वृद्धि कर दी है। बावजूद सभी दूधवाले ग्राहकों को पुरानी रेट पर ही दूध उपलब्ध कराएंगे। पूर्व पार्षद सुरेश गुर्जर ने बताया कि दूध बेचने वाले सभी गुर्जरों ने शपथ ली है कि पुरानी रेट पर ही दूध उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ी तो सभी दूधवाले खेतों में तैयार हो रहे चावल व गेहूं अपने ग्राहकों को पुरानी बाजार रेट पर उपलब्ध कराएंगे। चाहे वो हाथोहाथ पैसा दे या नहीं।