19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

टॉपर सिद्धान्त बोले, कोटा कोचिंग सबसे बेहतर

टॉपर सिद्धान्त आईआईटी मुम्बई से कम्प्यूटर साइंस से बीटेक करने के बाद सीएस फ ील्ड में कुछ नया करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, वे भारत के विकास में अपना योगदान देना चाहते हैं। हाल ही कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से भी पढ़ाई के लिए उन्हें ऑफ र लेटर प्राप्त हुआ है।

less than 1 minute read
Google source verification
siddhant.jpg

कोटा. एनटीए की ओर से आयोजित जेईई मेन में 300 में से 300 अंक और 100 पर्सेन्टाइल प्राप्त करने वाले छात्र सिद्धान्त मुखर्जी ने बताया कि वह दो साल से कोटा कोचिंग का स्टूडेंट है। आईआईटीयन बनने का सपना लेकर वर्ष 2019 में 11वीं कक्षा में कोटा आया था, क्योंकि किसी शहर से इतने सलेक्शन नहीं होते, जितने कोटा से होते हैं। पूरे देश के स्टूडेंट्स यहां आते हैं। इसलिए पढ़ाई के लिए बेहतर समूह मिलता है। सिद्धान्त कहते कि मैंने जेईई मेन की तैयारी के लिए एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर गहराई से फोकस किया। सबसे ज्यादा एक्यूरेसी पर ध्यान दिया। लॉकडाउन में पांच महीने घर चला गया था, लेकिन ऑनलाइन क्लासेज ली। इससे परीक्षा की तैयारी के लिए निरंतरता बनी रही। कक्षा 10वीं में 98.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। एनएसइजेएस स्टेज-1 की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर चुका हूं। कोटा में नानी के साथ रहता हूं और जेईई एडवांस्ड के साथ 12वीं बोर्ड की तैयारी में जुटा हुआ हूं। मम्मी-पापा भी कोटा आते रहते हैं। भविष्य में आईआईटी मुम्बई से कम्प्यूटर साइंस से बीटेक करने के बाद सीएस फ ील्ड में कुछ नया कर इनोवेटिव इंडिया में अपना योगदान देना चाहता हूं। हाल ही कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से भी पढ़ाई के लिए मुझे ऑफ र लेटर प्राप्त हुआ है। पिता संदीप मुखर्जी रिस्क मैनेजमेंट कंपनी संचालित करते हैं। मां नवनीता मुखर्जी बैंक कर्मचारी हैं। पढ़ाई के साथ-साथ कर्राटे का शौक है। कॉमनवैल्थ निबंध प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल प्राप्त कर चुका हूं। परिवार मूलरूप से मुम्बई निवासी है।