1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

देखिए, ट्रेन में सीटें फुल होने पर दलाल कैसे उठोते हैं फायदा, एक टिकट के वसूलते हैं 400 रुपए

ट्रेनों में सीटें फुल होने का टिकट दलाल फायदा उठा रहे हैं। आरपीएफ की अपराध शाखा ने टिकटों की दलाली करने वाले दो जनों को गिरफ्तार किया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Zuber Khan

•

Updated: 24 Apr 2018, 10:19 PM IST

kota junction

कोटा . ट्रेनों में यात्री भार अधिक होने व सीटें फुल होने का टिकट दलाल फायदा उठा रहे हैं। आरपीएफ की अपराध शाखा ने मंगलवार को रेलवे के टिकटों की दलाली करने वाले दो जनों को गिरफ्तार किया है। आरपीएफ की अपराध शाखा के निरीक्षक प्रथम प्रताप सिंह ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि खेड़ली फाटक स्थित रेल टिकट घर में रेलवे के टिकटों की दलाली चल रही है।

Big News: कम भाव में बिका लहसुन तो किसान ने खेत में खाया जहर, 5 दिन में 2 अन्नदाता की मौत, एक की हालत नाजुक

इस सचना पर वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आरएसपी सिंह के निर्देशन में गठित टीम ने उनके निर्देशन में एक कांस्टेबल को बोगस ग्राहक बनाकर भेजा गया। जिसने कोटा से बड़ौदरा तक का टिकट बनाने को कहा तो दुकानदार कौशल ने उनसे 800 रुपए लिए और दोपहर में आने को कहा।

Read More: लीजिए, जारी हो गई JEE Mains Answer Key, देखिए कितने नम्बर पर कहां मिल सकता है आपको एडमिशन

दोपहर बाद उनके पास फोन आया कि टिक मिल गया। इस पर जब वे दुकान पर गए और उन्हें टिकट मिला तो उन्होंने कौशल को पकड़ा। उससे पूछताछ करने पर उसने बताया कि यह टिकट के पाटन से उसके दोस्त शैलेन्द्र सिंह को भेजकर बनवाया है। इस पर टीम ने कौशल व शैलेन्द्र दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफर कर लिया। साथ ही टिकट भी जब्त कर लिया।

Read More: कागजों में उलझे आदेश तो लहसुन ने किसानों को मारी ठोकर, आंखों से बह निकले बर्बादी के आंसू

निरीक्षक प्रताप सिंह ने बताया कि कोटा से बड़ौदरा का टिकट 435 रुपए का थाी। जिसमें से कौशल ने 200 रुपए शैलेन्द्र को दिए और 165 रुपए स्वयं ने रख लिए थे। आगामी कार्यवाही के लिए दोनों को आरपीएफ पोस्ट के सुपुर्द कर दिया। गौरतलब है कि रेलवे में ऐसे टिकट दलालों का गिरोह सक्रिय है। यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर दोगुने दाम वसूलते हैं।