कोचिंग स्टूडेंट के बढ़ते आत्महत्या के मामलों के बाद पिछले दिनों जिला प्रशासन ने कुछ बिन्दुओं की गाइड लाइन जारी की थी। उसमें रविवार को टेस्ट नहीं लेकर छुट्टी देने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद एक कोचिंग संस्थान की ओर से रविवार को स्टूडेंट्स को टेस्ट के लिए बुलाया गया। उनमें से एक स्टूडेंट टेस्ट देकर क्लासरूम से बाहर आया और उसने कोचिंग संस्थान की छठी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में लैंडमार्क सिटी में रह रहे कोचिंग छात्र टेस्ट देकर घर आया और कमरे में आत्महत्या कर ली।
कोचिंग संस्थान की छठी मंजिर से लगाई छलांग
विज्ञान नगर थाना पुलिस ने बताया कि मृतक छात्र महाराष्ट्र के लतूर जिले के अहमदपुर निवासी आविष्कार (16) पिछले तीन साल से तलवण्डी क्षेत्र में किराए से रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। रविवार को कोचिंग संस्थान की ओर से आयोजित टेस्ट देने झालावाड़ रोड नं. 1 स्थित कोचिंग संस्थान गया था। उसने टेस्ट दिया और बाहर आकर छठी मंजिल की बालकनी से 70 फीट नीचे कूद गया। सूचना पर पुलिस उपाधीक्षक धर्मवीर व थानाधिकारी देवेश भारद्वाज मौके पर पहुंचे। मौका मुआयना करने के बाद शव को पोस्टमार्टम रूम भिजवाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव मृतक छात्र की नानी व बुआ को सौंप दिया।पुलिस उपाधीक्षक धर्मवीर ने बताया कि छात्र आविष्कार के आत्महत्या करने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
छुटटी के निर्देश के बावजूद टेस्ट के लिए बुलाया
प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों को रविवार को छुट्टी रखने के निर्देश दिए थे। गाइड लाइन में स्पष्ट किया था कि रविवार को टेस्ट नहीं लिया जाएगा। बच्चों को पूरी तरह आराम दिया जाएगा, लेकिन प्रशासन के निर्देशों की कोचिंग संस्थान ने पालना नहीं की। प्रशासन भी गाइड लाइन फॉलो हो रही है या नहीं, इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं कर रहा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कोचिंग संचालकों के साथ बैठक कर आत्महत्या पर चिंता जताते हुए गाइड लाइन की पालना के निर्देश दिए थे।
पढऩे में अच्छा था
छात्र आविष्कार दसवीं में ही कोटा आ गया था। पिछले तीन साल से नीट की तैयारी कर रहा था। जानकारी में आया है कि पिछले टेस्ट में उसके कम नम्बर आए थे, जिससे वह तनाव चल रहा था। परिजनों ने बताया कि वह पढऩे में होशियार था।
नानी रह रही थी साथ
मृतक छात्र की बुआ ने बताया कि आविष्कार के साथ पिछले एक साल से उसकी नानी धर्मावती रह रही थीं। बुआ तीन दिन पहले ही मिलने आई थी। बुआ ने बताया कि उसने कभी किसी परेशानी के बारे में ना तो नानी को बताया, न मुझे। उसके पिता सरकारी अध्यापक हैं।
टेस्ट पेपर अच्छा नहीं हुआ तो कमरे में आते ही की आत्महत्या
इधर, कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में लैण्डमार्क सिटी में रहकर नीट की तैयारी कर रहे बिहार के रोहिताश जिला निवासी आदर्श ने रविवार रात कमरे में ही आत्महत्या कर ली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम रूम में रखवाया। एएसपी भगवत सिंह हिंगड़ ने बताया कि मृतक छात्र आदर्श 4 माह पहले ही कोटा आया था। फ्लैट में उसकी बहन व बुआ का लडक़ा भी अलग-अलग कमरों में रह रहे थे। रविवार को टेस्ट देकर आने के बाद आदर्श अपने कमरे में चला गया। शाम को बहन ने उसे खाना खाने के लिए आवाज लगाई तो उसने कमरा नहीं खोला। काफी देर तक आवाज लगाने पर भी कमरा नहीं खोला तो दरवाजा तोडकऱ अंदर गए तो पता चला उसने आत्म हत्या कर ली।
टेस्ट में आ रहे थे कम नम्बर
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि आदर्श के कोचिंग संस्थान के टेस्ट में लगातार कम नम्बर आ रहे थे। जिसे लेकर वह परेशान रहता था। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों को सूचना दे दी गई है।