
कोटा. बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में दो हजार का नकली नोट चलाने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को मुकदमा दर्ज कर दो जनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अभी इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका के बारे में भी पूछताछ कर रही है।
थानाधिकारी लोकेन्द्र पालीवाल ने बताया कि मोहम्मद शकील की परचूने की दुकान पर गुरुवार को महावीर व गिर्राज आए थे।
उन्होंने वहां से तेल की पीपी खरीदी और दो हजार का नोट थमाया। दुकानदार को नोट नकली होने का शक हुआ तो उसने महावीर से पूछताछ की।
महावीर ने यह नोट कन्हैयालाल द्वारा देना बताया। इस पर उसे भी वहां बुलाया गया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और तीनों को पूछताछ के लिए थाने लेकर आई।
सीआई पालीवाल ने बताया कि काला तालाब निवासी कन्हैयालाल ठेकेदार है। उसने यहां देवली अरब रोड व मन्ना कॉलोनी में मकानों की आरसीसी का ठेका ले रखा है।
खेड़ली फाटक निवासी महावीर उसके यहां मजदूरी करता है। गुरुवार को महावीर को कन्हैया से मजदूरी के 600 रुपए लेने गया। कन्हैया ने उसे दो हजार रुपए का नोट थमाया और कहा कि परचूने की दुकान से खाने के तेल की पीपी ले आ।
जिससे उसके रुपए खुल्ले होने पर वह उसे 600 रुपए दे देगा। महावीर अपने साथी गिर्राज को लेकर दुकान पर गया। जहां नोट नकली होने पर वह पकड़ा गया।
पुलिस ने बताया कि अभी तक के अनुसंधान में पता चला है कि कन्हैया द्वारा जान बूझकर नकली नोट चलाने का प्रयास किया गया। हालांकि कन्हैया यह नोट किसी अन्य व्यक्ति द्वारा देना बता रहा है।
उसकी भी तलाश की जा रही है। यह नोट महावीर के कब्जे से बरामद हुआ है। इसलिए फिलहाल इन दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 489 क, ख, ग और 120 बी में मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया है। जबकि गिर्राज से भी पूछताछ की जा रही है।
Published on:
18 Nov 2016, 9:07 PM IST
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