
Russo-Ukraine War : भगवान का शुक्र है...हम सकुशल घर आ गए
कोटा. रूस व यूक्रेन के बीच युद्ध छिडऩे से वहां के हालात बहुत खराब हो चुके हैं। बॉर्डर पर अफरा-तफरी का माहौल है। यूक्रेन समेत अन्य सभी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी एक साथ पहुंचने से रोमानिया बॉर्डर पर लोगों के लिए भोजन व पानी का संकट गहरा गया है। साथ ही, कड़ाके की सर्दी कोढ़ में खाज का काम कर रही है। वहां माइनस 4 से 5 डिग्री तापमान में लोग जिंदगी बचाने के लिए जुटे हुए हैं। कुछ भारतीयों की वतन वापसी हो गई।
कोटा व रावतभाटा पहुंचे विद्यार्थियों का कहना है कि भगवान का शुक्र है, हम सकुशल वापस लौट आए। यह कहना है यूक्रेन की चण्यविक्सी यूनिवर्सिटी से भारत लौटी कोटा डीसीएम स्थित मनीषा ग्यान का। मनीषा ने बताया कि रोमानिया बॉर्डर के अब हालात खराब होते जा रहे हैं। वहां उनके दोस्त फंसे हुए हैं। उनसे बात हुई थी कि वहां भोजन व पानी का संकट है। उनके सीनियर बस में विद्यार्थियों के लिए भोजन के पैकेट, पानी व सर्दी से बचाव के लिए कंबल लेकर पहुंचे हैं। वहां माइनस चार डिग्री तापमान बना हुआ है। पहले बॉर्डर पर एक-एक यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को पहुंचने का निर्णय हुआ था, लेकिन डर के चलते सभी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी बॉर्डर पर पहुंच गए। साथ ही, यूक्रेन के लोग भी वहां आ गए। ऐसे में वहां भीड़ जमा हो गई। वहां करीब 3 हजार विद्यार्थी फंसे हुए हैं।
भोजन व पानी की कमी आ रही
रोमानिया से रावतभाटा पहुंची अणु प्रताप कॉलोनी निवासी यवनिका सेन ने बताया कि युद्ध से वहां के हालात बहुत खराब हैं। यूक्रेन व अन्य सभी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी रोमानिया बॉर्डर पर पहुंच चुके हैं। भीड़ पहुंचने के बावजूद यूक्रेन के लोग खाने व अन्य हरसंभव मदद कर रहे है, लेकिन भीड़ के चलते वो मदद पर्याप्त नहीं हो पा रही। इससे वहां भोजन व पानी की समस्या खड़ी हो गई है। भीड़ को नियंत्रण करने के लिए शनिवार रात को फायरिंग तक करनी पड़ी।
रोमानिया में अलग-अलग यूनिवर्सिटी के करीब आठ हजार विद्यार्थी फंसे हुए हैं। इनमें कई भारतीय भी शामिल है। यवनिका मुम्बई से जयपुर होते हुए कोटा पहुंची। रोमानिया बॉर्डर पर खुली जगह होने के कारण सर्दी के चलते लोग ठिठुर रहे। यूक्रेन में कई जगहों पर हाई अलर्ट है। ऐसे में लोग वापस जा भी नहीं सकते है। यूनिवर्सिटी व अन्य प्रशासन पहले छात्राओं को बसों व एयरपोर्ट में प्राथमिकता दे रहे हैं। शनिवार को भी करीब 800 छात्राओं को प्राइवेट बसों से बॉर्डर और एयरपोर्ट तक भेजा गया।
बॉर्डर पर मची भगदड़
यूक्रेन से लौटे कोटा के विवेकानंद नगर निवासी अतिश नागर ने बताया कि हम भाग्यशाली है, जो सकुशल लौट आए है। रोमानिया से हमारी बुकोविनिया स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी 25 किमी दूर है। रूस ने यूक्रेन के कीव, नवी, खारकीव, तनवोपील, ओदेसा शहरों के एयरपोर्ट पर बम गिराए। जिससे आंखों के सामने धुआं ही धुआं हो गया था। इन सभी एयरपोर्ट पर रूस सेना ने कब्जा कर लिया है। इन जगहों पर 5 से 6 हजार लोग फंसे हुए है।
कीव से निकलकर हम रोमानिया बॉर्डर की तरफ निकले, लेकिन यातायात में फंस गए। वहां भगदड़ का माहौल है। सभी लोग बॉर्डर की तरफ निकलने का प्रयास कर रहे है। ऐसे में वे खुद तीन किमी पैदल चले। वहां भारतीय व रोमानिया दूतावास लोगों को बाहर निकालने में मदद कर रहा है। वो खुद तड़के 4.30 बजे फ्लाइट से दिल्ली पहुंचकर रविवार शाम 4.30 बजे कोटा पहुंचा।
यूक्रेन से आने वाले विद्यार्थियों को घर तक पहुंचाएगी सरकार
यूक्रेन में फंसे भारतीयों को भारत लाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर प्रयास जारी हैं। लोकसभा अध्यक्ष की ओर से शुरू की गई हैल्पलाइन पर छात्र और अभिभावकों को लगातार फोन आ रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी यूक्रेन में फंसे छात्रों के संपर्क में हैं। वहीं राजस्थान सरकार ने यूक्रेन में रहने वाले प्रदेश के छात्रों की हर प्रकार की सहायता के प्रयास करने के लिए अधिकारियों की नियुक्त की है। दिल्ली, मुंबई तथा अन्य एयरपोट्र्स पर आने वाले राजस्थानियों को घर तक पहुंचाने की सुविधा राज्य सरकार की ओर से प्रदान की जाएगी। जिसमें लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था, रहना खाना और घर तक पहुंचाना राज्य सरकार के खर्चे पर सुनिश्चित किया जाएगा।
राजस्थान फाउंडेशन के आयुक्त एवं राज्य नॉडल अधिकारी धीरज श्रीवास्तव मुंबई के लिए को-ओर्डिनेट करेंगे। राजस्थान सरकार के अधिकारी मनोज तिवारी मोबाइल नम्बर 9414764750, सौरभ सिन्हा मोबाइल नम्बर 7229913892, 9414773675, 9414321470 और राजस्थान सूचना केन्द्र मुंबई से ऋतु सोढ़ी मुंबई एयरपोर्ट पर उपस्थित रहेंगी। उनका मोबाइल नम्बर 8118829859 है। किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर राजस्थान फाउंडेशन के आयुक्त धीरज श्रीवास्तव से 9910322344 से संपर्क किया जा सकता है।
Published on:
27 Feb 2022 11:04 pm
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