
ग्रामीण मवेशियों के लिए चिंतित
मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व के बोराबास क्षेत्र में वन की सुरक्षा के लिए बनाई जा रही दीवार को लेकर ग्रामीण खफा है। उन्होंने इसे ग्राम सभा व वन अधिकार नियम के विरुद्ध बताया है। साथ ही अपने मवेशियों को लेकर चिंता जताते हुए अधिकारियों का मामले से अवगत कराया। ग्राम पंचायत बोराबास के सरपंच शिवराम व पूर्व सरपंच गोविंद भड़क के अनुसार मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में सरकार बाघ लाकर छोड़ रही है। इसी को लेकर क्षेत्र के जंगलों में करीब ढाई किलोमीटर में दीवार बनाई जा रही है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में करीब 25 हजार मवेशी है। वन क्षेत्र में दीवार बनने के बाद उनके मवेशी कहां जाएंगे। ग्रामीणों ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उपखंड अधिकारी व प्रशासन को समस्या से अवगत करवाया है। क्षेत्र के लोगों को योजना के बारे में भी नहीं बताया गया, न ही सरकारी तौर पर किसी ने ग्रामीणों की समस्या पूछी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में यहां दीवार बनाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वन समिति और ग्रामसभा में प्रस्ताव लेकर कार्य को रोक दिया गया।
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आबादी 8 से 10 हजार
पंचायत बोराबास व क्षेत्र के कुछ गांव है जिनका नाम विस्थापित किए जाने वाले गांवों की सूची में नहीं है। ये गांव मुकुन्दरा हिल्स के पास में है। इनकी आबादी करीब 8 से 10 हजार है और यहां करीब 25 हजार मवेशी है।
कोई व्यवस्था नहीं
पूर्व पार्षद पवन मीणा ने बताया कि सरकार बाघों को लाने के मामले में जल्दी कर रही है। क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिले और विकास हो, यह सभी चाहते हैं, लेकिन सरकार को ग्रामीणों के हितों को ध्यान में रखना चाहिए।
मुझसे कोई नहीं मिला
वन्यजीव के मुख्य वनसंरक्षक घनश्याम शर्मा ने कहा ग्रामीणों की ओर से मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है और न ही कोई मुझसे मिला। किसी को परेशानी है तो आकर मिले। समाधान का प्रयास करेंगे। सरकार ग्रामीणों को परेशान नहीं करना चाहती।
Published on:
25 Oct 2017 04:18 pm
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