Chambal canals: रबी फसलों के लिए राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच चम्बल नदी के जल बंटवारे को लेकर गुरुवार को राजस्थान-मध्यप्रदेश अंतरराज्यीय कन्ट्रोल बोर्ड की वर्चुअल बैठक ग्वालियर के यमुना बेसिन के मुख्य अभियंता शिशिर कुशवाहा की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
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राजस्थान-मध्यप्रदेश अंतरराज्यीय कन्ट्रोल बोर्ड कोटा के सैक्रेटरी संदीप सोहल ने बताया कि बैठक में मध्यप्रदेश ने 19 अक्टूबर तक पानी पहुंचाने की मांग की है। चम्बल से एमपी तक पानी पहुंचने में दो से तीन दिन का समय लगता है, ऐसे में 16 या 17 अक्टूबर को नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। बैठक में दाईं मुख्य नहर का सालाना रखरखाव समय पर कराने का मुद्दा भी उठा। राजस्थान ने रखरखाव के लिए एमपी फंड का हिस्सा मांगा। इस पर मध्यप्रदेश ने कहा कि पिछले दो सालों में कोई रखरखाव का कार्य नहीं कराया गया, ऐसे में फंड नहीं दिया गया। अब नहर के रखरखाव व निर्माण कार्य चल रहे हैं तो शीघ्र ही मध्यप्रदेश के हिस्से का फंड ट्रांसफर कर दिया जाएगा। एमपी के अधिकारियों ने सालाना मैंटेनेंस समय पर करवाने का आग्रह किया, ताकि नहरों में पानी छोडऩे के समय परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
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उन्होंने बताया कि इस साल गांधीसागर पूरी क्षमता के साथ भरा हुआ है। ऐसे में रबी सीजन में 6 माह तक पानी की कोई समस्या नहीं आएगी और नहरों को मार्च तक लगातार चलाने पर सहमति बनी।
बैठक में जयपुर से चीफ इंजीनियर संदीप माथुर की जगह एसई अशोक गुप्ता, एसई सीएडी कोटा एमपी सामरिया, एसई मुरैना गिरीश साहू, एसई आरपीएस एजाजुद्दीन अंसारी, एसई गांधीसागर पीके परमार उपस्थित रहे।