
घर बसाने का समय आया तो आशियाना बनाने में जुटे ये 'होनहार'
बोहत (बारां). क्षेत्र के सूने वीरान कुओं मे इन दिनों बया पक्षी अपने घोंसले बनाने में जुटे हैं। इन बया पक्षियों को वीवर बर्ड के नाम से भी जाना जाता है। ये बारिश के मौसम में अपना घोंसला बनाना शुरू करते हैं। तिनके-तिनके को करीने से बुनकर ये पक्षी अपना घोंसला तैयार करते हैं। इसकी बनावट इतनी अच्छी होती है कि इनमें न तो बारिश का पानी जाता है और न ही सर्दी या गर्मी का असर होता है। इतना ही नहीं, इन घोंसलों का प्रवेशद्वार भी नीचे की ओर होता है। इससे किसी भी शिकारी पक्षी या सांप आदि को इनमें घुसपाना नामुमकिन ही होता है। इनके घोंसले ज्यादातर पानी के ऊपर ही लटका कर बनाए जाते हैं। बया पक्षी ऐसा सुरक्षा की दृष्टि से करते हैं। नर बया पक्षी का भी रंग इन दिनों बदलकर पीला हो जाता है। इससे नर की खूबसूरती बढ़ जाती है। पेड़ों की झूलती टहनियों में हेलमेटनुमा घोंसला बनाते हैं। इसके बाद वे दो महीने घोंसले में रहते हंै। अक्टूबर के मध्य में वे घोंसलों को छोड़कर उड़ जाते हैं। पाड़लिया के सूखे कुएं पर ऐसे कई घोंसले देखे जा सकते हैं।
Published on:
02 Sept 2020 12:03 am
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