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World Asthma day: पिज्जा, बर्गर व चाउमीन से बढ़ रहे अस्थमा के रोगी

पिज्जा, बर्गर, चाउमीन, न्यूडल्स जैसे जंक फूड से अस्थमा की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
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कोटा

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Zuber Khan

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Updated: 1 May 2018, 2:16 PM IST

World Asthma day

कोटा . पिज्जा, बर्गर, चाउमीन, न्यूडल्स जैसे जंक फूड से अस्थमा की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। तिस पर फलों व विटामिन युक्त आहार का कम लेना सीधे-सीधे अस्थमा को निमंत्रण देना है। यह हम नहीं कह रहे, प्रतिष्ठित शोध में हुए खुलासे इसकी मुक्त कंठ बयानी कर रहे हैं।

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नए शोध में सामने आया है कि जंक फूड खाने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। उसके बाद एलर्जी हो जाती है और यही अस्थमा का कारण बनती है। कुछ सालों से 12 से 15 वर्ष तक के बच्चों में अस्थमा रोग बढ़ रहा है। नए अस्पताल के श्वास रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल सक्सेना ने बताया कि बच्चों को खेलने से नहीं रोकना चाहिए। खेलने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और अस्थमा की संभावना भी कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को हर बीमारी में एंटीबायटिक देना नुकसानदायक है, इससे भी उनकी रोग से लडऩे की क्षमता कम होती है, यह श्वास रोग को बढ़ावा देती है। सरकारी क्षेत्र में अस्थमा का इलाज नि:शुल्क किया जा रहा है।

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ग्रामीण क्षेत्र में अधिक
श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. केवल कृष्ण डंग ने बताते हैं कि दो वर्ष पूर्व किए गए सर्वे में सामने आया कि बच्चों में अस्थमा होने की संभावना सबसे अधिक धुंआ, कॉकरोच व सीलन से होती है। ग्रामीण क्षेत्र में चूल्हा अधिक जलाया जाता है। इसका धुंआ श्वास के माध्यम से फेफड़ों में जाता है जो अस्थमा का कारण बनता है। बाथरूम की सीलन व कॉकरोच से भी बच्चों में अस्थमा होने की संभवना बढ़ जाती है। कॉकरोच के मरने के बाद उसमें से जो गंध व प्रोटीन निकलता है वह अस्थमा का कारण बन सकता है।

उद्घाटन के इंतजार में स्लीप स्टडी मशीन
नए अस्पताल में 14 लाख रुपए की लागत से श्वास रोग विभाग में लगी स्लीप स्टडी मशीन को लगे करीब तीन माह हो गए लेकिन वह उद्घाटन का इंतजार कर रही है। मशीन के माध्यम से खर्राटे भरते समय जिसे श्वास लेने में परेशानी आती है, उसकी जांच की जाती है।

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प्रतिदिन आते हैं 50 से अधिक रोगी
नए अस्पताल के श्वास रोग विभाग में प्रतिदिन 150 से 170 रोगी आते हैं। इसमें से करीब 50 से 60 रोगी प्रतिदिन अस्थमा के आते हैं। वहीं निजी क्षेत्र में भी प्रतिदिन करीब 150 रोगी अस्थमा के आते हैं। डॉ. डंग ने बताया कि देश में सबसे अधिक अस्थमा रोगी कश्मीर के बाद राजस्थान में है।

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