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हड्डियों की बीमारी से बचाने वाले योगासन

हड्डी संबंधी रोगों से बचाव या परेशानी से निजात के लिए ऑर्थो योगासन कारगर हैं। इनसे कई तरह की परेशानियों से बचा जा सकता है।

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हड्डी संबंधी रोगों से बचाव या परेशानी से निजात के लिए ऑर्थो योगासन कारगर हैं। इनसे कई तरह की परेशानियों से बचा जा सकता है। कुछ योगासन ऐसे हैं, जिनसे हड्डियों और उनके आसपास की मांसपेशियों में लचीलापन आता है और काम करने की क्षमता ठीक रहती है।
पीठ दर्द भुजंगासन, उत्तानपाद आसन और पवनमुक्तासन से पीठ दर्द संबंधी समस्या से बचा जा सकता है। इसे १० से १२ बार नियमित करना चाहिए। इससे हड्डियां और मांसपेशियां मजबूती होती हैं, पीठ दर्द में आराम मिलता है।
पैर की अंगुली इसमें अंगुलियों को मोडऩा और सीधा करना होता है। इसी तरह टखने (एड़ी) को ऊपर नीचे की ओर घुमाते हैं। इसे नियमित १०-१२ बार करना चाहिए। इससे पैर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। दर्द में भी कमी आती है।
घुटने जमीन पर बैठने के बाद घुटने को सीधा रखें, फिर नीचे की तरफ करें। थोड़ी देर रोककर रखें। इससे घुटने की मसल्स मजबूत होती हैं। जोड़ सही रहते हैं। घुटने के घिसने की समस्या से भी बचाव होता है।

गर्दन के दर्द से बचाव के लिए गर्दन को आगे और पीछे की तरफ घुमाने से काफी आराम मिलता है। इसे फॉरवर्ड और बैकवार्ड बेंडिंग कहते हैं। विशेषज्ञ से इसे करने का सही तरीका जानने के बाद ही करें। इसे नियमित करने से गर्दन की मांसपेशी मजबूत होती है, सर्वाइकल स्पॉनडलाइटिस में आराम मिलता है।

5 रोग जिनमें योग फायदेमंद

हृदय संबंधी रोगों से बचाव के लिए जीवनशैली में ताड़ासन, वृक्षासन, वज्रासन, भुजंगासन, शवासन, सूक्ष्म व्यायाम, करना चाहिए। इससे हृदय की कार्यक्षमता ठीक रहती है।

मधुमेह में अर्ध मत्स्येनद्रासन, भुजंगासन, चक्रासन, सूर्य नमस्कार, कपालभाति, भस्त्रिका लाभदायक होता है। इससे शरीर में इंसुलिन बनने की प्रक्रिया ठीक रहती है।

तनाव कम करने के लिए अधोमुखशवानासन, उत्तानासन, पादोत्तानासन, सेतुबंध, शवासन, भ्रामरी, शीतली, अनुलोम विलोम, योगनिद्रा और ध्यान लगाना चाहिए।

कमर दर्द में भुजंगआसन, शलभासन, शवासन, ध्यान और सेतुबंध आसन से आराम मिलता है। रीढ़ की हड्डी में आई तकलीफ में आराम मिलता है।

बीपी : योगनिद्रा, ध्यान, भ्रामरी, शीतली चन्द्र अनुलोम विलोम, मकरासन, सरल भुजंगासन, शवासन आदि करने से बीपी संबंधी समस्या में आराम मिलता है।