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शहर में कड़ाके की सर्दी के बीच हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। महावीर नगर थाना क्षेत्र के हरिओम नगर में 37 वर्षीय कॉन्ट्रेक्टर श्यामबिहारी सुमन की साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हो गई। पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें वे चलते-चलते अचानक लड़खड़ाकर गिरते दिखाई दे रहे हैं। वे छत पर किसी काम से गए थे।
महावीर नगर थाने के हैड कांस्टेबल साबिर हुसैन ने बताया कि गुरुवार शाम करीब 6.30 बजे श्यामबिहारी घर की छत पर गए। इसी दौरान वे अचानक मुंह के बल गिर पड़े। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां ईसीजी जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में श्यामबिहारी शॉल ओढ़े छत पर जाते दिख रहे हैं और महज 5 सैकण्ड में गिर जाते हैं। प्रारंभिक तौर पर सर्दी के कारण साइलेंट हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
श्याम के तीन बेटियां और छह माह का एक बेटा
भतीजे सावन ने बताया कि मकान की पहली मंजिल पर उनके बड़े भाई महेंद्र रहते हैं। उनसे मिलने कोई आया हुआ था। छत पर किसी को पड़ा हुआ देख महेन्द्र को बताया, तब जाकर घटना का पता चला। परिजन श्याम बिहारी को उठाकर तुरंत अस्पताल ले गए। श्याम बिहारी को पहले कोई बीमारी नहीं थी। संभवत: साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हुई है। श्याम बिहारी आरसीसी निर्माण कार्य के ठेकेदार थे। उनके परिवार में तीन बेटियां और छह माह का एक बेटा है। वे छह भाइयों में से एक थे और परिवार के अधिकांश सदस्य एक ही मकान में रहते हैं। शुक्रवार को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमॉर्टम किया गया। रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।
दाे दिन में दूसरी मौत
शहर में साइलेंट अटैक से दो दिन में दूसरी मौत हुई। इससे पहले पाटनपोल स्थित श्री मथुराधीश मंदिर के महामंत्री महेश ‘मोनू’ व्यास (44) की बुधवार को हृदय गति रुकने से मौत हो गई थी। वे नियमित जिम भी जाते थे, हालांकि पिछले कुछ दिनों से उन्होंने जिम जाना बंद कर दिया था। वे अचानक घर में बेड से गिर पड़े। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही उनका निधन हो गया।
सुबह की सर्दी ज्यादा खतरनाक, सावधानी जरूरी
कड़ाके की सर्दी में हार्ट अटैक के मामलों में 30 से 40 फीसदी तक बढ़ोतरी होती है। ऐसे में सामाजिक-राजनीतिक संगठनों, मेडिकल और जिला प्रशासन को मिलकर जागरूकता कार्यक्रम चलाने चाहिए, ताकि आमजन इस जानलेवा बीमारी के प्रति सतर्क हो सकें। सर्दी का सबसे ज्यादा असर खुले में काम करने वाले किसान, कर्मचारी और श्रमिक वर्ग पर पड़ रहा है। विशेषकर सुबह की सर्दी अधिक खतरनाक होती है। प्रतिकूल मौसम के कारण लोग भारी भोजन कर लेते हैं, शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और रक्त में क्लॉटिंग की समस्या बढ़ जाती है, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकती है। जिन लोगों की पहले से कोई दवाइयां चल रही हैं, वे नियमित रूप से चिकित्सक से परामर्श लेकर ही दवा लें। ठंड के मौसम में लोग घर पर ही हल्का व्यायाम और योग करें। अगर सीने में भारीपन, घबराहट या असहजता महसूस हो तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं और लापरवाही न बरतें।
- डॉ. भंवर रिणवां, विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज कोटा
Published on:
09 Jan 2026 07:35 pm
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