
कोटा . जिला प्रशासन की लापरवाही से सड़कों पर बेखौफ घूमते आवारा मवेशियों से टकराकर वाहन चालक, राहगीरों के चेाटिल होने का क्रम थम ही नहीं रहा। जयपुर में आवारा मवेशियों से टकराने से एक विदेशी सैलानी की मौत होने के बाद अब कोटा में भी एक परीक्षार्थी सड़क पर घूमते मवेशियों से टकरा गया। जिसके सिर, हाथ-पैर में गंभीर चोटें आने पर परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसका उपचार चल रहा है।
शिवपुरा निवासी छात्र दीपक मेहरा का रविवार सुबह 11 बजे आरकेपुरम स्थित अरिहंत स्कूल में आरएससीआईटी की परीक्षा थी। जो घर से 11 बजे बाइक पर सवार होकर परीक्षा देने के लिए निकला था। करीब सवा ११ बजे श्रीनाथपुरम में प्रशांति अस्पताल के सामने सड़क पर दो भैंसें लड़ रही थी। दीपक ने बाइक को भैंसों से बचाते हुए निकालने का प्रयास किया, इसके बावजूद भी भैँसे लड़ती हुई बाइक की ओर आ गई और उसे गिरा दिया। इससे दीपक बाइक सहित फिसलता हुआ गिर गया। एेसे में सिर व हाथ पैर में गंभीर चोटें आई। जिसे परिजनों ने तलवंडी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
कोटा क्या एेसे बनेगा स्मार्ट सिटी
अस्पताल में भर्ती दीपक ने बताया कि आज नगर निगम प्रशासन की वजह से मैं परीक्षा चूक गया। यह तो गनीमत रही की जान बच गई। निगम व जिला प्रशासन कोटा को स्मार्ट सिटी बनाने में लगा हुआ है। लेकिन उनको सड़क पर घूमते आवारा मवेशी नहीं दिखाई देते। कॉलोनियों में गाय-भैंसों के तबेले बने हुए हैं। निगम प्रशासन आज दिन तक तबेलों को हटाने, शहर में मवेशी पालने वाले पर कोई एक्शन नहीं लिया। क्या शहर में एेसे ही हादसे होते रहेंगे। पहले भी आवारा मवेशियों से टकराकर कई लोगों की जाने जा चुकी। आखिर इसके प्रति किसकी जवाबदेही है।
Published on:
26 Nov 2017 05:52 pm

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