कोटा. विज्ञान के दौर में भी हमारे समाज में आज भी अंधविश्वास हावी है। मृतकों की आत्माओं को पूजा-पाठ से बुलाने का सिलसिला चलता है। ऐसा ही एक मामला एमबीएस अस्पताल में शनिवार को देखने को मिला। कुछ ग्रामीण अस्पताल के बाहर तीन साल पहले हादसे में मृतक की आत्मा को लेने आए। पूजा पाठ कर वह अपने साथ एक पात्र को लेकर गए। परिजनों का मानना था कि पात्र में आत्मा आ चुकी। उसे लेकर वह चले गए।
जानकारी के अनुसार चित्तौड़ जिले के कन्नौज से एक परिवार एमबीएस अस्पताल में युवक की आत्मा को लेने आया था। परिजनों की माने तो युवक की आत्मा परिजनों को परेशान कर रही थी, इसलिए उसकी आत्मा को ले जाने के लिए वह आए। राहुल शर्मा व श्यामलाल ने बताया कि युवक बालमुकुंद की 13 फरवरी 2020 को एक हादसे मेंमौत हो गई थी। युवक ट्रक में खलासी। ट्रक चालक व और बालमुकुन्द चित्तोड़ से निकले थे। सीमलिया मेंं उन्होंने ट्रक खड़ा किया था। उस दौरान ट्रक पर बालमुकुन्द था। ट्रक के ऊपर से 11 केवी विद्युत लाइन के संपर्क में आने से उसे करंट लगा और ट्रक से नीचे गिर गया। उसके सिर में गंभीर चोट आने से उसकी मौत हो गई थी। उसे एमबीएस अस्पताल लाया गया था। परिजनों के अनुसार उसकी मौत के बाद से घर में कई परेशानियां चल रही थी। इस कारण परिजनों ने ओझा व जानकारों से सलाह ली। किसी ने बताया कि उसकी आत्मा लानी होगी। इस कारण परिजन अस्पताल आए और पूजा पाठ किया।