
मकराना पत्रिका. शहर के गौड़ाबास इलाके में शुक्रवार को गैस सिलेण्डर में लगी आग ने एक मकान को अपने आगोश में ले लिया। जिससे एक महिला सहित उसका पोता आग में फंस गए। इस दौरान एक कांस्टेबल ने जांबाजी का परिचय देकर अपनी जान की परवाह किए बगैर घर में घर में प्रवेश कर महिला सहित उसके पोते को आग से बाहर निकाल कर किसी प्रकार से बड़ा हादसा होने से बचाया। जानकारी के अनुसार गौड़बास मोहल्ले में सुबह करीब 9 बजे नन्नू सिसोदिया के मकान में उनकी पत्नी वहीदन नाश्ता तैयार कर रही थी। इस दौरान उसका 3 साल का पोता नईम भी उसकी गोद में था। मकान के हॉलनुमा कमरे में ही रसोई तथा रहने की व्यवस्था है। जहां पर उन्होंने एक बाइक भी खड़ी कर रखी थी। नाश्ता बनाने के दौरान गैस चूल्हे के गैस की पाइप ने आग पकड़ ली और उसमें से आग का फव्वारा फूट पड़ा। आग ने महिला सहित उसके पोते को चारों तरफ से घेर लिया। जिस पर महिला बचाव के लिए जोर जोर से चिल्लाने लगी, लेकिन चाहकर भी आग की लपटों से बाहर नही निकल पा रही थी। इस दौरान कई जने घर के बाहर एकत्रित हो गए लेकिन किसी की हिम्मत घर में जाने की नहीं हुई।
कांस्टेबल की सूझबूझ से बूझी आग
इस दौरान किसी ने पुलिस को फोन किया जिस पर कांस्टेबल प्रियंक कुमार तत्काल घटना स्थल पहुंचे। वहां का नजारा देखते हुए एक मिनट की देर लगाए बगैर तत्काल घर में घुस गए एवं महिला सहित उसके पोते को कंबल में ढककर घर से बाहर निकाल लाए। इतना ही नहीं उन्होंने बड़ी घटना नहीं हो इस बात को ध्यान में रखते हुए कपड़े को गीला कर उसे सिलेण्डर के लपेटा और उसे बाहर खुले चौक में ले आए। वहां खड़े युवकों की सहायता से मिट्टी डालकर सिलेण्डर की आग को बुझाया जा सका, तब तक थानाधिकारी प्रमोद शर्मा और फायर ब्रिगेड को भी जानकारी मिलने के चलते वह भी मौके पर पहुंच गए तथा आग पर काबू पा लिया गया।
Updated on:
20 May 2023 12:23 pm
Published on:
20 May 2023 12:09 pm

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