
ट्रेन। पत्रिका फाइल फोटो
नावांशहर। रणथंभौर एक्सप्रेस में सवार होने की कोशिश के दौरान एक युवक ट्रेन की चपेट में आ गया। युवक फिसलकर ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच ट्रैक पर गिर गया, जिससे उसके दोनों पैर घुटने के नीचे से कटकर अलग हो गए।
घायल युवक करीब 20 मिनट तक ट्रैक पर पड़ा रहा, लेकिन मौके पर मौजूद लोग मदद के बजाय मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाने में लगे रहे। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और एंबुलेंस कर्मियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया।
घायल की पहचान महेश कुमार पुत्र चिमनलाल, निवासी सिंघानिया धर्मशाला के पास, फुलेरा के रूप में हुई है। महेश कुमार नावां सिटी में मजदूरी करता है और बुधवार सुबह ही काम पर आया था। नावां पहुंचते ही उसे परिवार में किसी की मृत्यु की सूचना मिली, जिसके कारण वह फुलेरा लौटने के लिए ट्रेन में सवार होने स्टेशन पहुंचा। इसी दौरान ट्रेन में सवार होने के दौरान ट्रेन से गिरने के कारण यह गंभीर हादसा हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करीब 20 मिनट तक घायल मदद के लिए पुकारता रहा, मगर किसी ने उसे संभालने, रक्तस्राव रोकने या प्राथमिक सहायता देने की कोशिश नहीं की। इसके बजाय लोग मोबाइल निकालकर फोटो और वीडियो बनाने में लगे रहे।
यही नहीं, रेलवे विभाग पर भी सवाल उठते हैं। स्टेशन पर प्राथमिक उपचार की कोई विशेष सुविधा उपलब्ध नहीं है, और प्लेटफॉर्म पर आने-जाने के लिए लोग पटरियों को पार करने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि ओवर ब्रिज तक उपलब्ध नहीं है।
Updated on:
29 Jan 2026 01:24 pm
Published on:
29 Jan 2026 01:24 pm
