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सटोरियों पर अंकुश लगाने में फेल है कुचामन पुलिस

कुचामनसिटी. क्रिकेट पर सट्टा लगाने वाले बुक्की और सटोरिए शहर की हर गली में काम कर रहे हैं, पुलिस इन्हें ढूंढने में नाकाम साबित हो रही है। जो पुलिस सटोरियों को ढूंढने की बात कहकर दबिश दे रही है, हकीकत तो यह है कि इसी पुलिस के इशारे पर ही सट्टा कारोबार संचालित हो रहा है।

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kuchaman police station. police fails to curb bookies

kuchaman police station. police fails to curb bookies

जयपुर में सटोरियों के खिलाफ हुई कार्रवाई में मुख्य लाइन कुचामन के सटोरिए कुंजबिहारी शर्मा और गोरव राजपुरोहित की सामने आई। दोनों ही बुक्की कुचामन से ही प्रदेश के सट्टा कारोबार संभालते है। इन दोनों के अलावा अन्य कई सटोरिये भी कुचामन से सट्टा कारोबार संचालित कर रहे हैं। इन सटोरियों पर भी पुलिस कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रही है यही कारण है कि कुचामन से प्रदेश का बड़ा सट्टा कारोबार संचालित होने लगा है। सट्टेबाजी अब क्रिकेट पर फिक्सिंग हो गई है। आम तौर पर होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिताओं में शहर में लाखों रुपए की सट्टेबाजी होती है वहीं आईपीएल व वल्र्ड कप के दौरान यह आंकड़ा करोड़ों रुपए में पहुंच जाता है।
क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच भले ही रोमांचक होते है लेकिन इसी बीच कुछ लोग खिलाडिय़ों और टीमों पर दांव लगाकर कुछ पैसा कमाने के लालच में अपनी सम्पत्ति बेचने को मजबूर हो जाते है।
नागौर जिले में सर्वाधिक सट्टा कुचामन शहर के बीच से हो रहा है। जिसकी कडिय़ां प्रदेश के साथ ही दूसरे राज्यों से भी जुड़ी हुई है। पत्रिका ने शहर के सट्टा बाजार को लेकर जानकारी जुटाई तो चौंकाने वाली बातें सामने आई। इस शहर में एक नहीं दर्जनों की तादाद में सट्टा करवाने वाले सटोरिए अवैध रुप से कार्य कर रहे है। यही नहीं यहां सैंकड़ों लोग भी इन बुकियों के मार्फत टीमों की हार जीत पर लाखों रुपए दांव पर लगाते है। जिसमें अधिकांश युवा भी शामिल है। कुचामन पुलिस भले ही सक्रिय रहकर कार्रवाई करने का दावा कर रही हों लेकिन गोपनीय सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार सट्टे में पुलिस की भी पूरी फिक्सिंग है। पुलिस का सख्ती बरतने का दावा भी महज एक दिखावा है।

कैसे करते है खाईवाली

क्रिकेट पर सट्टे का कारोबार किसी से छुपा हुआ नहीं है। प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर पुलिस की ओर से कार्रवाई भी होती है। जयपुर में हुई कार्रवाई के तार कुचामन से जुड़े हुए सामने आए है। इस बीच पत्रिका ने जानकारी जुटाई तो सामने आया कि अकेले कुचामन में ही तीन सौ से अधिक लोग सट्टा बाजार से जुड़े हुए है। जो अलग-अलग क्रिकेट मैचों के दौरान सौदेबाजी करते है। यह सौदेबाजी केवल फोन पर होती है। जिसमें सटोरिए कहां से काम कर रहा है यह सौदे लगाने वालों का पता नहीं रहता है। सौदेबाजी में हार जीत का भुगतान भी शहर में बुक्कि करवाते है। इस खेल में कुचामन के ही बड़े सटोरिए खाईवाली करते है।

पुलिस कर रही है अपना बचाव

पत्रिका ने इस मामले में कुचामन के पुलिस अधिकारियों से बात की तो थानाधिकारी ने कहा कि दबिश देकर सटोरियों की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर से पुलिस के सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि पुलिस की सह पर ही सटोरिये सट्टे का कारोबार संचालित कर रहे हैं। पुलिस ने एक सट्टा कारोबारी से भी जानकारी जुटाई तो सामने आया कि पुलिस से तो सब सेटिंग है।

इनका कहना-
शहर में सटोरियों के ठिकानों पर दबिश का दौर चल रहा है। 7 जगहों पर दबिश दी गई है लेकिन सटोरिये पुलिस के हाथ नहीं लगे है। उन्हें पकडऩे का प्रयास किया जा रहा है।
रामवीर जाखड़
थानाधिकारी, कुचामन
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कुचामन से क्रिकेट के सट्टे का मामला सामने आया है। पुलिस की ओर से कार्रवाई भी की जा रही है। मिलीभगत जैसी कोई बात नहीं है।
नितेश आर्य
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, डीडवाना