कश्मीर के पहलगाम में धर्म पूछकर आतंकियों द्वारा देश के कई हिस्सों से गए पर्यटकों के नरसंहार के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया। पूरा देश इस कायराना हमले का जबरदस्त जबाव देने की बात कह रहा था। भारतीय सेना ने सटीक समय पर "ऑपरेशन सिंदूर" नाम की स्ट्राइक कर पाकिस्तान की चूलें हिला दीं।
पहलगाम में नाम पूछकर पर्यटकों के नरसंहार के बाद जवाबी कारवाई में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान पर किया गया "ऑपरेशन सिंदूर" और पाकिस्तान की हुई बर्बादी पर आम जनता भी अपने भावनाओं को रोक नहीं पाई। यूपी के कुशीनगर जिले में तो ऑपरेशन के दौरान पैदा हुई 17 बच्चियों का उनके मां, बाप ने सिंदूर नाम ही रख दिया। उन लोगों ने बताया कि ये बच्चियां भारतीय सेना की जवाबी कारवाई को ता उम्र याद दिलाती रहेगी कि कैसे सेना ने निर्दोष हिन्दुस्तानियों के नरसंहार का बदला किया।
कुशीनगर जिले में "ऑपरेशन सिंदूर" के बीच 17 बच्चियों का जन्म हुआ और इनके माता पिता ने इन सभी बच्चियों का नाम सिंदूर रखा है। सभी की जुबान पर यही बात थी कि इस ऑपरेशन की सफलता पर देशवासियों को अपने भारतीय सेना पर गुमान है कि किस तरह आतंकियों द्वारा उजाड़ दिए गए 26 हिंदू स्त्रियों के सिंदूर का भीषण बदला लिया। अब सिंदूर देश वासियों के लिए केवल एक शब्द भर नहीं है, बल्कि इसके साथ लोगों की भावनाएं भी जुड़ गई हैं।
जैसा कि मालूम हो 22 अप्रैल को कश्मीर में अनंतनाग के पहलगाम में आतंकियों ने 26 लोगों को नाम और धर्म पूछकर गोली मार दी थी। यह सभी लोग देश के कई हिस्सों से घूमने गए थे। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस हमले का जवाब देने के लिए भारत सरकार ने सात मई को "ऑपरेशन सिंदूर" शुरू किया था।इस मिलिट्री ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने नौ आतंकी ठिकाने ध्वस्त कर दिए।
कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरके शाही के मुताबिक इस अस्पताल में 10 और 11 मई को कुल 17 बच्चियों का जन्म हुआ है ।इन बच्चियों के परिजनों ने ऑपरेशन सिंदूर से प्रभावित होकर उनके नाम भी सिंदूर रख दिए है। डॉ. शाही के मुताबिक इन बच्चियों के जन्म के बाद नामकरण करते हुए परिजनों ने "ऑपरेशन सिंदूर " पर भारतीय सेना के पराक्रम का जश्न भी मनाया। नवजात बच्चियों के मां, बाप ने बताया कि यह नाम हमेशा भारतीय सेना के पराक्रम की याद दिलाता रहेगा।