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दिवाली पर उल्लुओं की जान पर बनी आफत, धन प्राप्ति के लिए दी जाती है बलि, बिक रहे 20 से 30 लाख रुपये में

- दिवाली पर बढ़ जाती है उल्लुओं की तस्करी - धन प्राप्ति के लिए अंधविश्वासी लोग देते हैं उल्लुओं की बलि - दुधवा नेशनल पार्क प्रशासन ने घोषित किया अलर्ट

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दिवाली पर उल्लुओं की जान पर बनी आफत, धन प्राप्ति के लिए दी जाती है बलि, बड़े शहरों में बिक रहे 20 से 30 लाख में

दिवाली पर उल्लुओं की जान पर बनी आफत, धन प्राप्ति के लिए दी जाती है बलि, बड़े शहरों में बिक रहे 20 से 30 लाख में

लखीमपुर खीरी. दुधवा नेशनल पार्क (Dudhwa National Park) के वन्य जीवों पर शिकारियों का खतरा हमेशा ही बना रहता है। लेकिन दिवाली (Diwali) के नजदीक आते ही दुधवा के उल्लुओं की जान पर आफत बन आती है क्योंकि इस दौरान उल्लुओं की तस्करी बढ़ जाती है। ऐसे में दुधवा नेशनल पार्क प्रशासन ने पूरे दुधवा नेशनल पार्क में अलर्ट घोषित कर दिया है।

उल्लुओं की 12 प्रजाति पर खतरा

उल्लू को मां लक्ष्मी का वाहन माना जाता है। हर साल दिवाली पर तंत्र साधना और सिद्धी पाने के लिए उल्लुओं की बलि दी जाती है। कुछ अंधविश्वासी तांत्रिक और अघोरियों का मानना है कि दिवाली के त्योहार की रात में विशेष नक्षत्र पर तंत्र-मंत्र क्रिया के द्वारा अगर उल्लू की बलि दी जाए, तो लोगों की मनोकामना पूरी हो जाती है। इसी अंधविश्वास के कारण दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में उल्लू को 20 से 30 लाख रुपये में खरीदा जाता है। इसी अंधविश्वास के कारण लखीमपुर खीरी के इंडो-नेपाल बॉडर पर 886 वर्ग किलोमीटर में फैले दुधवा नेशनल पार्क के जंगलो में गश्त को बढ़ा दिया जाता है। कारण है यहां पाई जाने वाली उल्लुओं की 12 प्रजातियां, जिनमे से कुछ बेहद दुर्लभ हैं। उल्लू तस्कर जंगल में अधिक सक्रिय होते हैं और अंधविश्वास के चलते इन पर जान का खतरा बना रहता है। अंधविश्वासी लोगों की मान्यता है कि लक्ष्मी जी की सवारी उल्लू के बलि देने से लक्ष्मीजी की कृपा होती हैं। घरों में लक्ष्मी वास करती है। इसके अलावा तंत्र मंत्र में भी उल्लू का वध किया जाता है। इसी कारण दिवाली के त्योहार के मद्देनजर दुधवा पार्क प्रशासन ने उल्लुओं की जान पर खतरा देखते हुए पार्क को अलर्ट मोड पर रखा है। रूटीन गश्त के साथ-साथ रात को भी गश्त की जा रही है। जंगल में जिन इलाकों में वाहन नहीं जा पा रहे, वहां हाथियों से गश्त किए जा रहे।

तस्करों की मूवमेंट के मद्देनजर अलर्ट

दुधवा बफर जोन के डीएफओ अनिल पटेल का कहना है कि लोगों का मानना है कि दिवाली पर उल्लुओं की बलि देने से लक्ष्मी वास करती हैं। जबकि लोगों को यह समझना होगा कि किसी पशु की बलि से धन प्राप्ति नहीं होती। दिवाली पर तस्करों के मूवमेंट को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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