
सीएचसी के बाहर नाले में फेंकी गई थी एक्सपायरी दवा, मामले की जांच शुरू
लखीमपुर-खीरी. बीते शनिवार सीएचसी के बाहर नाले और टायलेट के गड्ढे में फेंकी गई एक्सपायरी दवाओं के मामले में शुरू हुई जांच की गाज सीएचसी प्रभारी पर गिरी है। उनको यहां से हटाकर सीएमओ दफ्तर में अटैच कर दिया गया है। लखनऊ से आए एडी हेल्थ ने जांच जारी होने और इसमें दोषी पाए जाने वाले सभी कर्मचारियों पर कार्रवाई की बात कही है।
दवा की फोटो हुई थी वायरल
शनिवार रात कस्बे की सीएचसी के सामने नाले और उसके पास बने बंद पड़े टायलेट के खुले गड्ढे में एक्सपायर हो चुकी दवा की गोलियों के तमाम पत्ते, शीशियां, डायरिया में ड्रिप से चढ़ाई जाने वाली बोतलें फेंक दी गई थीं। लोगों ने रविवार सुबह इतनी दवाएं वहां पड़ी देखकर इसकी फोटो व्हाट्सएप पर वायरल की थीं। इसके बाद सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने रविवार को एसीएमओ डॉ. बलवीर सिंह इसकी जांच को सीएचसी भेजा था। उन्होंने गड्ढे में पड़ी दवाएं निकलवाकर सील करके कब्जे में ली थीं। इनमें नवंबर 2016 में एक्सपायर हो चुकी दर्द निवारक इंजेक्शन पेट्राजेन की शीशियां, मई 2018 में एक्सपायर डायरिया में चढ़ाई जाने वाली निर्मेट की प्लास्टिक बोतलें और 2003 में एक्सपायर आयरन आदि की गोलियों के सैकड़ों पत्ते शामिल थे। उन्होंने सीएचसी प्रभारी डॉ. अरुण मिश्र और फार्मासिस्ट रामप्रवेश राय से पूछताछ करने के साथ ही दवाओं का स्टाक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर आदि चेक किया था। कुछ अभिलेख न दे पाने पर उन्होंने सीएमओ के आदेश पर फार्मासिस्ट रामप्रवेश राय को तत्काल जिला अस्पताल से संबद्ध कर दिया था।
मामले की होगी जांच
मंगलवार को लखनऊ से स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक एके मिश्र इसकी जांच को सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल, एसीएमओ डॉ. बलवीर सिंह के साथ सीएचसी पहुंचे। इनको देखकर वहां मौजूद कर्मचारियों में हड़कम्प मच गया। अधिकारियों की टीम ने सीएचसी के अभिलेख चेक किए। इसके बाद सीएचसी प्रभारी डॉ. अरुण कुमार मिश्र को भी लापरवाही का दोषी पाकर उनको तत्काल सीएमओ दफ्तर से अटैच कर दिया गया। करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चली पूछताछ के बाद सभी अधिकारी चले गए। एडी हेल्थ ने बताया कि अभी मामले की जांच चल रही है। जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों पर कार्रवाई होगी।
Published on:
13 Jun 2018 12:04 pm
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