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जब गांधी जी के भाषण को सुनने के लिए लोगों में था उत्साह

लखीमपुर शहर के ईदगाह की रहने वालीं 82 वर्षीय स्वरूप श्रीवास्तव ने गांधी जी से जुड़े कुछ किस्से बताए
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लखीमपुर खेरी

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Mahendra Pratap Singh

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Updated: 28 Sep 2018, 8:03 PM IST

mahatma gandhi

जब गांधी जी के भाषण को सुनने के लिए लोगों में था उत्साह

लखीमपुर खीरी. आगामी 2 अक्टूबर को गांधी जी की 149वीं जयंती है। लखीमपुर शहर के ईदगाह की रहने वालीं 82 वर्षीय स्वरूप श्रीवास्तव ने इस सिलसिले में गांधी जी से जुड़े कुछ किस्से बताए हैं, जो आज भी इनकी यादों में ताजा हैं। उन्होंने बताया कि देश को जब आजादी नहीं मिली थी, तब तरह-तरह के आंदोलन चल रहे थे।

उन दिनों इसी रास्ते से अंग्रेज अफसरों की टोलियां भी घोड़े पर निकलती थीं और प्रायः देश के आंदोलन को तेजी दे रहे महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू के काफिले भी इसी सड़क से निकलते थे। जिसे देखने के लिए बच्चों में बड़ा कौतूहल था। मै भी मोहल्ले के बच्चों के साथ अक्सर जाया करती थी। इतना ही नही गांधी जी को देखने के बाद हम सभी बच्चो के साथ शोर मचाते और तलिया भी बजाते थे और बोलते थे कि वो देखो गांधीजी आ रहे हैं।

हम सब मोहल्ले के तमाम बच्चे दौड़कर सड़क के किनारे खड़े होकर दूर से गांधी जी को देखते थे। जब गांधी जी फूल मालाएं फेंकते हुए हाथ हिलाते हुए जनता के बीच से निकलते थे, तो उनमें भी एक अलग सा उत्साह देखने को मिलता था। इतना ही नहीम उन्होंने यह भी बताया कि एक दिन जीपीओ पार्क में गांधी जी की सभा थी। बहुत से लोग गांधी जी को सुनने जा रहे थे। मेरे बड़े भाई हर प्रसाद भी जा रहे थे। उनसे कहा कि दादा मैं भी गांधी जी को देखने जाउंगी। जीपीओ पार्क में महात्मा गांधी के लिए ऊंचा सा मंच बना था। जिस पर बैठकर उन्होंने लोगों को आजादी के आंदोलन के लिए संघर्ष की प्रेरणा दी थी। वे क्या बोले,क्या कहा, यह तो कुछ याद नहीं पर गांधी जी को सुनने के लिए पूरे जीपीओ पार्क में बहुत बड़ी भीड़ थी। गांधी जी के द्वारा दिये गये। भाषण के दौरान वह मौजूद लोगों में खासा उत्सह देखने को मिला।

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