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लखीमपुर खेरी

दुधवा में होने जा रहे इंटरनेशनल बर्ड फेस्टिल की तैयारियां शुरू

तीन दिनों तक दुधवा में लगेगा मेला, दस एकड़ में तैयार किया जा रहा है फ्लोरिकन विलेज, बनेंगे 120 कॉटेज.

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लखीमपुर-खीरी. दुधवा टाइगर रिजर्व विश्व पटल पर नई पहचान बनाने के लिए तैयार है। मौका है इंटरनेशनल बर्ड फेस्टिवल का, जिसका आयोजन दुधवा की सरजमीं पर होने जा रहा है। कार्यक्रम की तैयारी जोर शोर से शुरू कर दी गई है। बर्ड फेस्टिवल का दुधवा के लिए महत्व, उससे दुधवा को होने वाले फायदों और आयोजन की पूरी स्थिति के बारे में रविवार को प्रधान मुख्य वन्य संरक्षक (वन्य जीव) एसके उपाध्याय ने दुधवा पर्यटन परिसर सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि दो वर्षों से बर्ड फेस्टिवल चम्बल में आयोजित किया जा रहा था। दूसरे वर्ष के आयोजन के दौरान ही यह बात उठी थी कि प्रदेश के इकलौते नेशनल पार्क को आगे चलकर इस आयोजन के लिए चुना जा सकता है। तभी इंटरनेशनल बर्ड फेस्टिल 2018 के दुधवा में आयोजन के बीज पड़ गए थे।

गांव बसाया जा रहा है

उन्होंने बताया कि नौ से 11 फरवरी तक बर्ड फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशी-विदेशी पक्षी विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। नौ फरवरी को इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करने आ सकते हैं। यह महत्वपूर्ण लम्हा होगा। पीसीसीएफ ने बताया कि दुधवा के ही निकट स्थित टाइगर हैवन (बिली अर्जन सिंह का फार्म हाउस) को चयनित किया गया है। यहां 10 एकड़ की भूमि पर आगंतुकों के लिए गांव बसाया जा रहा है जिसका नाम बंगाल फ्लोरिकन के नाम पर रखा गया है। यहां पर दुधवा में पाए जाने वाले पक्षियों की तस्वीरों की गैलरी भी प्रदर्शित की जाएगी।

विशेषज्ञ इन स्थलों पर जाकर सुंदर तस्वीरें उतार सकेंगे

बर्ड फेस्टिवल में आने वाले मेहमानों को नौ फरवरी को सुबह- शाम झादी ताल, सठियाना और बांके ताल कुल तीन रूट पर ले जाया जाएगा। यहां पर पक्षियों का दिखना सबसे ज्यादा होता है। इस तरह से तीन दिन में कुल पांच सेशन होंगे, जिसमें पक्षी विशेषज्ञ इन स्थलों पर जाकर सुंदर तस्वीरें उतार सकेंगे। बाद में पक्षियों और दुधवा के अलग-अलग पहलूओं पर आधारित डिबेट भी रखे गए हैं। पीसीसीएफ ने बताया कि थारू कल्चर भी बर्ड फेस्टिवल का हिस्सा रहेगा। उनकी संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए कुल 30 स्टाल भी विलेज में लगाए जाने हैं। दुधवा में थारू नृत्य, उनके पहनावे का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा 11 फरवरी को मेहमानों को बलरामपुर स्थित सुहेलवा वेट लैंड ले जाया जाएगा। यह स्थल कम चर्चित है लेकिन पक्षियों की विविधिता यहां भरी पड़ी है। इस जगह पर कुल 40 मेहमानों को ले जाया जाएगा।

लोगों को लाने की योजना है

पीसीसीएफ ने बताया कि दुधवा तक पहुंचने के जो भी संभव तरीके हैं, उसके जरिए बर्ड फेस्टिल तक लोगों को लाने की योजना है। इस संबंध में एनईआर रेलवे के अधिकारियों से भी वार्ता हुई है। जो बर्ड फेस्टिवल के दौरान मैलानी से बेलरायां तक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए राजी हो गए हैं। साथ ही सड़क माध्यम से भी यहां तक लोगों को लाने का पूर्ण प्रबंध किया गया है। इसके लिए रोडवेज बसें चलवाई जा रही है जो विभिन्न शहरों से चलेंगी। साथ ही प्राइवेट बस यूनियन से भी वार्ता जारी है।
माइक पांडेय हैं ब्रांड एम्बेस्डर
इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए अर्थ मैटर फाउंडेशन के माइक पांडेय को ब्रांड एम्बेस्डर के रुप में चयनित किया गया है। वे मूलत: यूपी के ही निवासी हैं, लेकिन उनका जन्म नैरोबी केन्या में हुआ। उन्हें वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट माना जाता है। उनके द्वारा वाइल्ड लाइफ पर आधारित तमाम फिल्में भी बनाई जा चुकी है। पीसीसीएफ ने बताया कि कोशिश रहेगी कि माइक पांडेय दुधवा में आकर यहां की विविधता पर भी फिल्म तैयार करें, जिसका प्रदर्शन डिस्कवरी व नेशनल ज्यो्रग्राफिक चौनल पर किया जाएगा। इससे दुधवा विश्व पटल पर नए सिरे से अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।
मुख्यमंत्री द्वारा होगा शुभारंभ
अगर सब कुछ ठीक रहा तो दुधवा के इंटरनेशनल बर्ड फेस्टिवल का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा होगा। इस संबंध में पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ ने बताया कि हमारा वार्ता हो चुकी है, उन्होंने हामी भी भरी है। अगर सीएम दुधवा आते हैं तो यह हमारे लिए गर्व की बात होगी। कोशिश है कि सब कुछ ठीक ठाक हो।
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य रूप से उप्र पर्यटन विकास निगम के महाप्रबंधक मनोज सिंहा, डिप्टी डायरेक्टर दुधवा महावीर कौजलगि, फिक्की हेड अमित गुप्ता, दुधवा वार्डेन डीके चतुर्वेदी, डीएफओ बफर डा. एके पटेल, आईपीएस रजनीकांत मित्तल आदि मौजूद रहे।
बन रहा फ्लोरिकन गांव
दुधवा से सटे टाइगर हैवन के निकट दस एकड़ जमीन में बंगाल फ्लोरिकन विलेज बनाया जा रहा है। जिसमें कुल 120 काटेज बनाए जाएंगे। इसमें से 20 की बुकिंग आम लोग कर सकेंगे। इसके लिए एक व्यक्ति से 8500 से 10 हजार रूपये का शुल्क लिया जाएगा। जिसमें खाने ठहरने की व्यवस्था के साथ बर्ड फेस्टिवल के हर आयोजन का हिस्सा बनने और दुधवा भ्रमण की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। एक काटेज में दो लोगो के रहने की व्यवस्था है। बर्ड फेस्टिवल में आने वाले मेहमानों व सैलानियों को बांके ताल, किशनपुर सेंचुरी के झादी ताल और सठियाना ले जाया जाएगा जहां वे विभिन्न प्रजाति के पक्षियों के दीदार कर सकेंगेे।

इसके साथ ही उन्हे पूरे पार्क का भ्रमण कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त पदमश्री व पालगेटी पुरस्कार विजेता तथा दुधवा के अवैतनिक वार्डेन रहे बिली अर्जन सिंह की नेशनल पार्क के निर्माण में क्या योगदान रहा इससे भी मेहमानों को अवगत कराया जाएगा। उनके द्वारा लिखी गई किताबों, उन्हें मिले पुरस्कारों और उनके द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों को भी बर्ड फेस्टिवल का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके लिए बाकायदा अलग से प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। दुधवा में उनके योगदान के महत्व को बताने के इरादे से यह किया जा रहा है।